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विकास के लिए 109 करोड़ का इंतजार और 451 करोड़ का प्रस्ताव
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गोंडा। विकास योजनाओं के लिए जिले को अभी 109 करोड़ के बजट का इंतजार है। वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष के लिए 409 करोड़ 12 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। जिसके तहत अभी तक 300 करोड़ 71 लाख का बजट मिल चुका है।
माना जा रहा है कि अभी वित्तीय वर्ष की समाप्ति में तीन माह का समय है और उम्मीद है कि बजट मिल जाएगा। इसके लिए विभागों में कार्रवाई भी हो रही है। पहले से मिले बजट का उपभोग करने पर ही अवशेष बजट मिलता है।
कई विभागों की ओर से खर्च में ही लापरवाही की जाती है। जिलाधिकारी ने विभागों को मिले बजट को समयबद्ध खर्च करने की हिदायत दी है, जिससे कार्यों में तेजी आई है। वहीं नए वित्तीय वर्ष के 451 करोड़ का बजट स्वीकृति करके शासन को भेजा गया है।
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वित्तीय वर्ष 2020- 21 में विभिन्न विभागों ने अपनी कार्य योजना तैयार कर बजट की मांग जिला योजना में की थी। जिसमें 409 करोड़ 12 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। अब तक 300 करोड़ 71 लाख का आवंटन और व्यय हो चुका है। अभी वित्तीय वर्ष में तीन माह शेष है।
ऐसे में अभी अवशेष बजट जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें कृषि विभाग 28 लाख, गन्ना विभाग 758.23 लाख, लघु सिचाई विभाग 335 लाख, पशुपालन विभाग 198.49 लाख, दुग्ध विकास 112.55 लाख, वन विभाग 900.34 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 312 लाख, मनरेगा 17613.74 लाख, पंचायतीराज 1094 लाख, राजकीय लघु सिचाई विभाग ने 85 लाख रुपये की मांग की थी।
नेडा ने 50 लाख, खादी ग्रामोद्योग दो लाख, लोक निर्माण विभाग 4347.77 लाख, पर्यावरण 10 लाख, पर्यटन 270 लाख, बेसिक शिक्षा 250.15 लाख, माध्यमिक शिक्षा 650 लाख, पॉलीटेक्निक 186.19 लाख, प्रादेशिक विकास दल 24.24 लाख व परिवार कल्याण ने एक करोड़ रुपये बजट मांगा था।
एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 265 लाख, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा 30 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 110 लाख, नगरीय पेयजल 150 लाख, ग्रामीण स्वच्छता 7426 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 1185.60 लाख रुपये की आवश्यकता बताई गई थी।
अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 204.60 लाख, पिछड़ा वर्ग कल्याण 85.22 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 130 लाख, सामान्य जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति 799.98 लाख, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 150 लाख, समाज कल्याण 2090.40 व दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए 120.90 लाख रुपये मांगे गए थे।
महिला कल्याण विभाग ने 186.60 लाख, सिचाई एवं जल संसाधन 150 लाख व सहकारिता विभाग ने पांच करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत किया था। इस तरह 409 करोड़ 12 लाख का बजट स्वीकृति हुआ और अब तक 300 करोड़ 71 लाख मिल चुके हैं।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विकास का खाका भी खींच लिया गया है। जिला योजना समिति ने 4 अरब 51 करोड़ का व्यय अनुमोदित कर दिया है। जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें 43 विभागों के लिए 451 करोड़ का बजट तय किया गया है।
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माना जा रहा है कि अभी वित्तीय वर्ष की समाप्ति में तीन माह का समय है और उम्मीद है कि बजट मिल जाएगा। इसके लिए विभागों में कार्रवाई भी हो रही है। पहले से मिले बजट का उपभोग करने पर ही अवशेष बजट मिलता है।
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कई विभागों की ओर से खर्च में ही लापरवाही की जाती है। जिलाधिकारी ने विभागों को मिले बजट को समयबद्ध खर्च करने की हिदायत दी है, जिससे कार्यों में तेजी आई है। वहीं नए वित्तीय वर्ष के 451 करोड़ का बजट स्वीकृति करके शासन को भेजा गया है।
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वित्तीय वर्ष 2020- 21 में विभिन्न विभागों ने अपनी कार्य योजना तैयार कर बजट की मांग जिला योजना में की थी। जिसमें 409 करोड़ 12 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। अब तक 300 करोड़ 71 लाख का आवंटन और व्यय हो चुका है। अभी वित्तीय वर्ष में तीन माह शेष है।
ऐसे में अभी अवशेष बजट जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें कृषि विभाग 28 लाख, गन्ना विभाग 758.23 लाख, लघु सिचाई विभाग 335 लाख, पशुपालन विभाग 198.49 लाख, दुग्ध विकास 112.55 लाख, वन विभाग 900.34 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 312 लाख, मनरेगा 17613.74 लाख, पंचायतीराज 1094 लाख, राजकीय लघु सिचाई विभाग ने 85 लाख रुपये की मांग की थी।
नेडा ने 50 लाख, खादी ग्रामोद्योग दो लाख, लोक निर्माण विभाग 4347.77 लाख, पर्यावरण 10 लाख, पर्यटन 270 लाख, बेसिक शिक्षा 250.15 लाख, माध्यमिक शिक्षा 650 लाख, पॉलीटेक्निक 186.19 लाख, प्रादेशिक विकास दल 24.24 लाख व परिवार कल्याण ने एक करोड़ रुपये बजट मांगा था।
एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 265 लाख, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा 30 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 110 लाख, नगरीय पेयजल 150 लाख, ग्रामीण स्वच्छता 7426 लाख, ग्रामीण आवास के लिए 1185.60 लाख रुपये की आवश्यकता बताई गई थी।
अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 204.60 लाख, पिछड़ा वर्ग कल्याण 85.22 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 130 लाख, सामान्य जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति 799.98 लाख, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 150 लाख, समाज कल्याण 2090.40 व दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए 120.90 लाख रुपये मांगे गए थे।
महिला कल्याण विभाग ने 186.60 लाख, सिचाई एवं जल संसाधन 150 लाख व सहकारिता विभाग ने पांच करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत किया था। इस तरह 409 करोड़ 12 लाख का बजट स्वीकृति हुआ और अब तक 300 करोड़ 71 लाख मिल चुके हैं।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विकास का खाका भी खींच लिया गया है। जिला योजना समिति ने 4 अरब 51 करोड़ का व्यय अनुमोदित कर दिया है। जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें 43 विभागों के लिए 451 करोड़ का बजट तय किया गया है।