फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   107 PRD soldiers freed from duty, livelihood crisis

107 पीआरडी जवानों को ड्यूटी से किया मुक्त, रोजी-रोटी का संकट

Wed, 18 Mar 2020 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
107 PRD soldiers freed from duty, livelihood crisis
मंगुरा बाजार (गोंडा)। उप निदेशक के आदेश के बाद भी जिले में 107 पीआरडी जवानों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया, जिससे इन जवानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दूसरी तरफ थाने व महिला थाने के साथ साथ यातायात की व्यवस्था चरमरा गई है।
विज्ञापन

जनपद में 16 विकास खंड हैं। हर विकास खंड में एक ब्लॉक स्तर पर बीओ व कमांडर, न्याय पंचायत पर हल्का सरदार, ग्राम पंचायत स्तर पर दलपती की तैनाती होनी चाहिए। बीओ का सरकारी पद होता है। इनकी तैनाती प्रतियोगी परीक्षा के द्वारा होता है, जबकि अन्य पद दैनिक होते हैं। इनको इस समय 375 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। काफी दिनों से भर्ती न होने से जिले में विभाग के अधिकांश पद खाली चल रहे हैं। जिले में डीओ का पद खाली होने के कारण बलरामपुर के डीओ को गोंडा का अतिरिक्त प्रभार है।
विज्ञापन

जिले में 16 बीओ के जगह पर एक वीओ काम कर रहे हैं। उनको भी जिले से अटैच किया गया है। पूरे जनपद में इस समय 443 पीआरडी जवान हैं। जिनमें से 50 की ड्यूटी यातायात में 51 की थाने में 6 महिला पीआरडी की ड्यूटी महिला थाने में लगी थी। जबकि अन्य जवानों की कस्तूरबा स्कूल, बिजली विभाग व अन्य विभागों में ड्यूटी चल रही थी। परंतु 15 मार्च से महिला थाना, थाना व यातायात में लगे 107 जवानों की ड्यूटी समाप्त कर दी गई। जिससे सुरक्षा व्यस्था के साथ साथ यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है, जबकि 13 मार्च को युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल महानिदेशालय के उप निदेशक अजातशत्रु शाही ने समस्त जिला युवा कल्याण अधिकारी एवं प्रादेशिक अधिकारी को पत्र भेजकर यातायात व अन्य ड्यूटी में लगे जवानों कि ड्यूटी को समाप्त न करने का निर्देश जारी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

ड्यूटी समाप्त होने से जवानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बेलसर में कमांडर पद पर तैनात जगन्नाथ ने बताया कि रोज ड्यूटी लगाने से परिवार का खर्च चलता था। ड्यूटी बंद हो गई जिससे खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। डीओ गोंडा-बलरामपुर प्रदीप तिवारी ने बताया कि उपनिदेशक का पत्र प्राप्त हुआ था, लेकिन पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बिना ड्यूटी कैसे लगाई जाए। बताया कि पुलिस अधीक्षक से अनुमति के लिए पत्र भेजा है। अनुमति मिलते ही ड्यूटी लगाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed