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साला-साली को गोली मारने वाले की ग्रामीणों ने ली जान
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 19 May 2015 11:29 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के अंधऊ गांव में अपने साला-साली को गोली मारकर घायल करने
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वाले जीजा संतोष यादव की ग्रामीणों ने लाठी-डंडे और पत्थरों से पीटकर जान
ले ली। उसकी गोली से घायल हुए भाई-बहन को इलाज के लिए वाराणसी ले जाया गया
है। मंगलवार की दोपहर पत्नी क ी विदाई को लेकर मामला बढ़ने से ये वारदात
हुई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लिया। साथ ही घटनास्थल से देसी पिस्टल, चार कारतूस, कारतूस के दो खोखे और मोबाइल बरामद किया गया। संतोष का शव सड़क पर पड़े रहने के कारण गाजीपुर-मऊ मार्ग पर आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
शहर के रूई मंडी निवासी रामजनम यादव के पुत्र संतोष यादव की शादी करीब 10 वर्ष पहले कोतवाली क्षेत्र के ही अंधऊ निवासी रामदेव यादव की पुत्री कुसुम यादव के साथ हुई थी। वर्तमान में कुसुम यादव शहर के रूईमंडी की सभासद हैं। करीब दो माह पहले पति से विवाद होने की वजह से कुसुम अंधऊ स्थित मायके में दो बच्चों के साथ रह रही थीं।
कुसुम के पिता रामदेव यादव ने बताया कि मंगलवार की सुबह उसकी बेटी ने पति संतोष को फोन कर कहा कि बच्चों की तबीयत खराब है, उन्हें डाक्टर को दिखाना है। बातचीत के दौरान ही फोन पर ही दोनों में किसी बात को लेकर तीखी झड़प हुई। बाद में संतोष ससुराल पहुंचा और बच्चों को लेकर अपने घर चला आया। दोपहर करीब एक बजे वह दोबारा ससुराल पहुंचा और पत्नी से झगड़ा करने लगा।
इसी बीच उसने नाराज होकर कुसुम के हाथ में दांत से काट लिया। यह देख वहां मौजूद कुसुम की बहन ममता बीच-बचाव करने लगी। इससे नाराज होकर संतोष ने ममता के पेट में पिस्टल से गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर कुसुम का चचेरा भाई छात्र नेता वीरेंद्र यादव (24) दौड़कर वहां पहुंचा और संतोष को समझाने लगा। इस पर संतोष ने वीरेंद्र को भी गोली मारकर घायल कर दिया।
तब तक गोली की आवाज सुनकर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बारे में जानकारी होने पर उन्होंने संतोष को घेरने का प्रयास किया। वे उसकी तरफ बढ़ने लगे। लोगों को अपनी तरफ आता देख संतोष फिर से पिस्टल लहराने लगा। इस पर ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया।
ग्रामीणों ने पहले ईंट पत्थर चलाकर उसे घायल किया फिर लाठी-डंडे से मारते हुए उसे सड़क तक ले गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण संतोष की गाजीपुर-वाराणसी पर अंधऊ हवाई पट्टी के बगल में स्थित हनुमान मंदिर के पास बीच सड़क पर मौत हो गई।
घटना की जानकारी पाकर कुछ ही देर बाद सदर एसपी सुनील सिंह, सीओ कमलकिशोर, कोतवाली श्रीप्रकाश दुबे, जंगीपुर थानाध्यक्ष सुशील यादव पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को जांच के दौरान शव के कुछ ही दूरी पर देसी पिस्टल, चार कारतूस और ससुराल के आंगन से दो खोखे बरामद किए।
एसपी सिटी ने पिता रामदेव यादव से घटना के संबंध में पूछताछ कर शव को कब्जे में ले लिया। पति के हमले से मामूली रूप से घायल सभासद कुसुम का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया जबकि गोली से गंभीर रूप से घायल ममता और वीरेंद्र को उपचार के लिए वाराणसी ले जाया गया। वहीं घटना की वजह से गाजीपुर-मऊ मार्ग पर काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लिया। साथ ही घटनास्थल से देसी पिस्टल, चार कारतूस, कारतूस के दो खोखे और मोबाइल बरामद किया गया। संतोष का शव सड़क पर पड़े रहने के कारण गाजीपुर-मऊ मार्ग पर आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
शहर के रूई मंडी निवासी रामजनम यादव के पुत्र संतोष यादव की शादी करीब 10 वर्ष पहले कोतवाली क्षेत्र के ही अंधऊ निवासी रामदेव यादव की पुत्री कुसुम यादव के साथ हुई थी। वर्तमान में कुसुम यादव शहर के रूईमंडी की सभासद हैं। करीब दो माह पहले पति से विवाद होने की वजह से कुसुम अंधऊ स्थित मायके में दो बच्चों के साथ रह रही थीं।
कुसुम के पिता रामदेव यादव ने बताया कि मंगलवार की सुबह उसकी बेटी ने पति संतोष को फोन कर कहा कि बच्चों की तबीयत खराब है, उन्हें डाक्टर को दिखाना है। बातचीत के दौरान ही फोन पर ही दोनों में किसी बात को लेकर तीखी झड़प हुई। बाद में संतोष ससुराल पहुंचा और बच्चों को लेकर अपने घर चला आया। दोपहर करीब एक बजे वह दोबारा ससुराल पहुंचा और पत्नी से झगड़ा करने लगा।
इसी बीच उसने नाराज होकर कुसुम के हाथ में दांत से काट लिया। यह देख वहां मौजूद कुसुम की बहन ममता बीच-बचाव करने लगी। इससे नाराज होकर संतोष ने ममता के पेट में पिस्टल से गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर कुसुम का चचेरा भाई छात्र नेता वीरेंद्र यादव (24) दौड़कर वहां पहुंचा और संतोष को समझाने लगा। इस पर संतोष ने वीरेंद्र को भी गोली मारकर घायल कर दिया।
तब तक गोली की आवाज सुनकर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बारे में जानकारी होने पर उन्होंने संतोष को घेरने का प्रयास किया। वे उसकी तरफ बढ़ने लगे। लोगों को अपनी तरफ आता देख संतोष फिर से पिस्टल लहराने लगा। इस पर ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया।
ग्रामीणों ने पहले ईंट पत्थर चलाकर उसे घायल किया फिर लाठी-डंडे से मारते हुए उसे सड़क तक ले गए। गंभीर रूप से घायल होने के कारण संतोष की गाजीपुर-वाराणसी पर अंधऊ हवाई पट्टी के बगल में स्थित हनुमान मंदिर के पास बीच सड़क पर मौत हो गई।
घटना की जानकारी पाकर कुछ ही देर बाद सदर एसपी सुनील सिंह, सीओ कमलकिशोर, कोतवाली श्रीप्रकाश दुबे, जंगीपुर थानाध्यक्ष सुशील यादव पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को जांच के दौरान शव के कुछ ही दूरी पर देसी पिस्टल, चार कारतूस और ससुराल के आंगन से दो खोखे बरामद किए।
एसपी सिटी ने पिता रामदेव यादव से घटना के संबंध में पूछताछ कर शव को कब्जे में ले लिया। पति के हमले से मामूली रूप से घायल सभासद कुसुम का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया जबकि गोली से गंभीर रूप से घायल ममता और वीरेंद्र को उपचार के लिए वाराणसी ले जाया गया। वहीं घटना की वजह से गाजीपुर-मऊ मार्ग पर काफी देर तक आवागमन प्रभावित रहा।