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पोखरे में सफाई में लगे मजदूर की डूबकर मौत
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मरदह थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद बस्तपुर गांव में मंगलवार की शाम पोखरे में डूबकर एक मजदूर की मौत हो गई। बुधवार को ग्रामीणों ने शव को निकालकर ग्राम प्रधान के दरवाजे पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए सरकारी सहायता की मांग की । कासिमाबाद तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। तब जाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज दिया।
गांव निवासी देवेंद्र राम उर्फ मिठाई (35) मनरेगा श्रमिक था। वह अपने अन्य मजदूर साथियों के साथ गांव के पोखरे की सफाई कर रहा था। मजदूर समय से पूर्व पोखरे से बाहर निकल कर घर चले गए, लेकिन देवेंद्र राम कार्य में जुटा रहा और देर शाम गहरे पानी में डूब गया। इधर घटना की जानकारी होते ही कासिमाबाद सीओ बलिराम एवं मरदह थानाध्यक्ष दुष्यंत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और शव की तलाश की। लेकिन सफलता नहीं मिली।
दूसरे दिन ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को पोखरे से बाहर निकाला। श्रमिक का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीण प्रधान के दरवाजे पर एकत्र हो गए और गंभीर आरोप लगाते हुए परिवार के लिए मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
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पुलिस ने समझा-बुझाकर शव कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीण अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। कुछ देर बाद कासिमाबाद तहसीलदार जया सिंह मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलवाने की आश्वासन देकर मामला शांत कराया।इस संबंध में तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया है। वहीं पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गांव निवासी देवेंद्र राम उर्फ मिठाई (35) मनरेगा श्रमिक था। वह अपने अन्य मजदूर साथियों के साथ गांव के पोखरे की सफाई कर रहा था। मजदूर समय से पूर्व पोखरे से बाहर निकल कर घर चले गए, लेकिन देवेंद्र राम कार्य में जुटा रहा और देर शाम गहरे पानी में डूब गया। इधर घटना की जानकारी होते ही कासिमाबाद सीओ बलिराम एवं मरदह थानाध्यक्ष दुष्यंत सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और शव की तलाश की। लेकिन सफलता नहीं मिली।
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दूसरे दिन ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को पोखरे से बाहर निकाला। श्रमिक का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीण प्रधान के दरवाजे पर एकत्र हो गए और गंभीर आरोप लगाते हुए परिवार के लिए मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
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पुलिस ने समझा-बुझाकर शव कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीण अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़े रहे। कुछ देर बाद कासिमाबाद तहसीलदार जया सिंह मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलवाने की आश्वासन देकर मामला शांत कराया।इस संबंध में तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया है। वहीं पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।