{"_id":"5faece8e8ebc3e9bd17d9df5","slug":"women-got-angry-after-seeing-rotten-flour-threw-out-and-expressed-anger-ghazipur-news-vns5580990169","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़ा आटा देख महिलाओं की चढ़ी त्योरी, फेंककर जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़ा आटा देख महिलाओं की चढ़ी त्योरी, फेंककर जताया रोष
विज्ञापन
दुल्लहपुर। जखनियां तहसील के कर्मचारियों से मिले खराब आटा महिलाएं लोगों को दिखाते हुए सड़क पर फेंकने लगी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार, कानूनगो ने महिलाओं को समझाते हुए तत्काल आटा मुहैया कराया, इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। उधर इसकी शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी एमपी सिंह ने इस प्रकरण में जांच बैठा दी है।
इलाके की महिलाओं ने बताया कि कोरोना संकट में हम आर्थिक तंगी से परेशान हैं। हमारी परेशानियों पर तरस खाकर सुबह तहसील के कर्मचारियों ने चावल, आटा, दाल, मसाला दिया था। खाद्यान्न मिलने के बाद हमे राहत मिली थी। लेकिन ज्यादातर सामान खराब दिया गया। इसमें आटा पूरी तरह से सड़ा हुआ था, उसमें कीड़े रेंग रहे थे और आटा काला हो गया था। ग्रामीणों ने कहा कि जो भी अनाज मिला है सभी लॉकडाउन के समय से ही तहसील के गोदाम में रखा गया था। तहसील में जैसे ही वनवासी समाज की महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया, वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इस सिलसिले में कई बार उप जिलाधिकारी को फोन लगाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। इसके बाद जिलाधिकारी को अवगत कराया गया, तो उन्होंने तत्काल जांच कराने की बात कही। डीएम के आदेश पर वहां नायब तहसीलदार और कानूनगो पहुंचे। महिलाओं को समझाते हुए तत्काल आटा मुहैया कराया गया। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। इस मामले में कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाब सिंह ने पहुंचकर अधिकारियों की उदासीनता पर काफी नाराजगी जाहिर की। तत्काल उच्च अधिकारियों से वार्ता कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। एक घंटे बाद उपजिलाधिकारी सूरज कुमार यादव से वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि अनाज किसने वितरित किया हमें जानकारी नहीं है, जो अनाज गोदाम में सड़ा उसे नहीं देना चाहिए। फिलहाल जिनको जरूरत है तत्काल अनाज मुहैया कराया जा रहा है।
विज्ञापन
इलाके की महिलाओं ने बताया कि कोरोना संकट में हम आर्थिक तंगी से परेशान हैं। हमारी परेशानियों पर तरस खाकर सुबह तहसील के कर्मचारियों ने चावल, आटा, दाल, मसाला दिया था। खाद्यान्न मिलने के बाद हमे राहत मिली थी। लेकिन ज्यादातर सामान खराब दिया गया। इसमें आटा पूरी तरह से सड़ा हुआ था, उसमें कीड़े रेंग रहे थे और आटा काला हो गया था। ग्रामीणों ने कहा कि जो भी अनाज मिला है सभी लॉकडाउन के समय से ही तहसील के गोदाम में रखा गया था। तहसील में जैसे ही वनवासी समाज की महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया, वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। इस सिलसिले में कई बार उप जिलाधिकारी को फोन लगाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। इसके बाद जिलाधिकारी को अवगत कराया गया, तो उन्होंने तत्काल जांच कराने की बात कही। डीएम के आदेश पर वहां नायब तहसीलदार और कानूनगो पहुंचे। महिलाओं को समझाते हुए तत्काल आटा मुहैया कराया गया। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। इस मामले में कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाब सिंह ने पहुंचकर अधिकारियों की उदासीनता पर काफी नाराजगी जाहिर की। तत्काल उच्च अधिकारियों से वार्ता कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। एक घंटे बाद उपजिलाधिकारी सूरज कुमार यादव से वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि अनाज किसने वितरित किया हमें जानकारी नहीं है, जो अनाज गोदाम में सड़ा उसे नहीं देना चाहिए। फिलहाल जिनको जरूरत है तत्काल अनाज मुहैया कराया जा रहा है।
विज्ञापन