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कहने को प्रधान डाकघर पर तरस जाएंगे पानी के लिए
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गाजीपुर। शहर के प्रधान डाकघर में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एक वर्ष से लगा हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है। ऐसे में यहां पहुंचने वाले खाताधारकों और अन्य लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी का बोतल खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। यहीं नहीं नगर के महुआबाग, विद्युत उपकेंद्र के पास लगा हैंडपंप खराब पड़ा हुआ है और सहकारी कॉलोनी में लगे हैंडपंप से गंदा पानी निकलने से राहगीरों को प्यास बुझाने इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
दूर-दराज इलाकों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग महुआबाग स्थित प्रधान डाकघर पहुंचते हैं। इस चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप में ऐसे में परिसर में पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। प्यास बुझाने के लिए परिसर के बाहर दुकानों अथवा पानी का बोतल खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। डाक टिकट, पोस्टल आर्डर, खाताधारक और आधार कार्ड बनाने संबंधित कार्य के लिए आस-पास के क्षेत्र से लोग डाकघर आते हैं। प्यास लगने पर जब हैंडपंप के पास पहुंचते हैं तो उसके खराब होने की जानकारी होने पर बैरंग वापस लौट जाते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जनपद में एक प्रधान डाकघर है, जहां पेयजल आपूर्ति के नाम पर लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा हुआ है। यहीं हाल नगर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों का भी है। महुआबाग में लगा हैंडपंप खराब होने से वहां के दुकानदारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सहकारी कॉलोनी में लगे हैंडपंप से निकल रहा गंदा पानी परेशानी का सबब बना है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र के पास प्यास बुझाने के लिए स्थापित हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। जानकारी होने के बावजूद भी संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से अब तक इसको दुरुस्त और रिबोरिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस संबंध में नपा ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि जिन वार्डों में हैंडपंप खराब हैं, उसकी सूची मांगी गई है। इसके बाद इन्हें दुरुस्त कराने का काम किया जाएगा।
इन दिनों धूप और गर्मी से लोग परेशान है। ऐसे में डाक घर मेें प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। प्यास लगने पर परिसर में पानी की व्यवस्था न होने से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है।- विकास सिंह।
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डाकघर परिसर में मात्र एक हैंडपंप लगा है, जो एक वर्ष खराब पड़ा है। यहां आने-जाने वाले लोगों को पानी पीने के लिए बाहर के होटलों और अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।- देवेंद्र राय।
डाकघर में पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्पीड पोस्ट करने दो-तीन दिन पर जाना होता है। दुकान से पानी की बोतल खरीदकर पीना पड़ता। डाकघर परिसर में लगे हैंडपंप को दुरुस्त कराना जरूरी है।- शुभम राय
शहर का प्रधान डाकघर होने से ग्रामीण क्षेत्र से भी लोगों का आना-जाना होता है। परिसर में पेयजल व्यवस्था को लेकर विभाग मौन बना है।- प्रवीण सिंह।
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दूर-दराज इलाकों से प्रतिदिन सैकड़ों लोग महुआबाग स्थित प्रधान डाकघर पहुंचते हैं। इस चिलचिलाती गर्मी और तेज धूप में ऐसे में परिसर में पेयजल की व्यवस्था न होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। प्यास बुझाने के लिए परिसर के बाहर दुकानों अथवा पानी का बोतल खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। डाक टिकट, पोस्टल आर्डर, खाताधारक और आधार कार्ड बनाने संबंधित कार्य के लिए आस-पास के क्षेत्र से लोग डाकघर आते हैं। प्यास लगने पर जब हैंडपंप के पास पहुंचते हैं तो उसके खराब होने की जानकारी होने पर बैरंग वापस लौट जाते हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जनपद में एक प्रधान डाकघर है, जहां पेयजल आपूर्ति के नाम पर लगा हैंडपंप भी खराब पड़ा हुआ है। यहीं हाल नगर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों का भी है। महुआबाग में लगा हैंडपंप खराब होने से वहां के दुकानदारों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सहकारी कॉलोनी में लगे हैंडपंप से निकल रहा गंदा पानी परेशानी का सबब बना है। साथ ही विद्युत उपकेंद्र के पास प्यास बुझाने के लिए स्थापित हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। जानकारी होने के बावजूद भी संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर से अब तक इसको दुरुस्त और रिबोरिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस संबंध में नपा ईओ लालचंद्र सरोज ने बताया कि जिन वार्डों में हैंडपंप खराब हैं, उसकी सूची मांगी गई है। इसके बाद इन्हें दुरुस्त कराने का काम किया जाएगा।
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इन दिनों धूप और गर्मी से लोग परेशान है। ऐसे में डाक घर मेें प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। प्यास लगने पर परिसर में पानी की व्यवस्था न होने से पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है।- विकास सिंह।
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डाकघर परिसर में मात्र एक हैंडपंप लगा है, जो एक वर्ष खराब पड़ा है। यहां आने-जाने वाले लोगों को पानी पीने के लिए बाहर के होटलों और अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।- देवेंद्र राय।
डाकघर में पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्पीड पोस्ट करने दो-तीन दिन पर जाना होता है। दुकान से पानी की बोतल खरीदकर पीना पड़ता। डाकघर परिसर में लगे हैंडपंप को दुरुस्त कराना जरूरी है।- शुभम राय
शहर का प्रधान डाकघर होने से ग्रामीण क्षेत्र से भी लोगों का आना-जाना होता है। परिसर में पेयजल व्यवस्था को लेकर विभाग मौन बना है।- प्रवीण सिंह।