गाजीपुर। जनपद में रविवार को पूरे दिन भगवान भाष्कर व बादलों के बीच आंख-मिचौली होती रही। कभी भगवान भाष्कर उदित होते तो कभी आसमान में बादल मंडराते रहतेे। मौसम शुष्क बना रहा। तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं, जौ, लहसुन सहित अन्य रबी फसलें खेतों में गिर गईं। जनपद का अधिकतम तापमान 27 व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह-सुबह खिली धूप हुई। लेकिन कुछ ही देर में आसमान में बादल मंडराने लगे। इसके बाद आसमान में कभी बादल तो कभी सूर्यदेव नजर आते। येलो जोन का असर जनपद में स्पष्ट रूप से नजर आया। हालांकि बारिश नहीं हुई। 21 मार्च को हुई बारिश के कारण किसान संशकित नजर आए। लेकिन, आसमान में मंडरा रहे बादल बरसे नहीं। वहीं बारिश के कारण खेतों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से गेहूं की खड़ी फसल खेतों में झुक गई है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि अधिकतम तापमान 27 व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुहवल : अचानक मौसम बदलने से रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। एक दिन पहले तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कुछ समय के लिए हल्की ठंड महसूस हुई। हालांकि बाद में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं, जौ, लहसुन सहित अन्य रबी फसलें खेतों में गिर गईं। स्थानीय किसान बेचू प्रजापति, हरिपाल, मिश्री, शिवकुमार, मुन्ना ने बताया कि उनकी फसल कटाई के कगार पर थीं। ऐसे समय में आए इस अचानक बदलाव ने उनकी महीनों की मेहनत को प्रभावित किया है। भांवरकोल : क्षेत्र में 21 मार्च को हुई बारिश के कारण मसूर, चना, सरसों की फसल भींग गई है। चना की पक गई फसल को किसान खलिहान में रखने लगे हैं।