Ghazipur: नेपाल विमान हादसे में मृत विशाल की हुई शिनाख्त, बाकी तीन के इंतजार में परिजनों की पथराई आंखें
नेपाल विमान हादसे में जान गंवाने वाले गाजीपुर के चार युवकों में से अब तक एक की पहचान हो सकी है। अलावलपुर अफगां निवासी विशाल शर्मा की शिनाख्त दांत, लंबाई और हाथ में पड़े रॉड से हुई।
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नेपाल के पोखरा में हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाले गाजीपुर के चार युवकों में से शनिवार की शाम केवल विशाल शर्मा के शव की शिनाख्त हो सकी है। त्रिभुवन विश्वविद्यालय ऑफ मेडिकल साइंस एंड इंस्टीट्यूट में मृतक के भाई विश्वजीत शर्मा ने दांत, लंबाई और हाथ में पड़े रॉड से पहचान की। बाकी तीन शवों की पहचान न होने से उनके परिजनों की आंखें पथरा सी गई हैं। ऐसा नहीं है कि उन लोगों ने कोई कसर छोड़ी हो, लेकिन शवों की हालत के कारण परिवार के लोगों के नसीब में अब सिर्फ इंतजार ही है।
बीते 15 जनवरी को नेपाल के पोखरा में विमान हादसे में गाजीपुर जिले के बरेसर थाना क्षेत्र के चार युवकों अनिल राजभर, सोनू जायसवाल, विशाल शर्मा और अभिषेक कुशवाहा की मौत हुई थी। शव की शिनाख्त के लिए मृतकों के परिजन जिला प्रशासन के सहयोग से काठमांडू गए हैं।
अब तक कुल 33 शवों की शिनाख्त
नेपाल विमान हादसे के छह दिन बाद भी कुल 33 शवों का परीक्षण कर उनकी पहचान का बुलेटिन जारी किया गया है। इसमें अलावलपुर अफगां निवासी विशाल शर्मा के ही शव की पहचान हो पाई है। शेष तीन मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
डीएनए टेस्ट में लगेगा काफी समय
शुक्रवार देर शाम परिजनों ने एसडीएम वीर बहादुर यादव से मिलकर नाराजगी जताते हुए शीघ्र शवों का परीक्षण करा उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी थी। जिससे शनिवार देर शाम को जारी बुलेटिन में 33 शवों की पहचान की गई। अब बाकी शवों का रविवार और सोमवार को पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
काठमांडू गए परिजन एक साथ सभी मृतकों के शव लेकर गांव आना चाहते हैं। उनके अनुसार शवों की पहचान अभी तक दांत, लंबाई के साथ पहने गए कपड़े, जूतों के आधार पर की गई है। इस तरह से पहचान नहीं होने पर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। उसकी रिपोर्ट अमेरिका से आएगी। जिसमें एक सप्ताह से अधिक समय लग सकता है।