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वीरेन डंगवाल की कविताओं पर उकेरे चित्र
ब्यूरो/ अमर उजाला गाजीपुर
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:59 PM IST
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संभावना कला मंच की ओर से शहर के ददरी घाट पर रविवार को जानेमाने कवि वीरेन डंगवाल को श्रद्धांजलि स्वरूप उनकी कुछ कविताओं पर चित्र उकेरे गए। इस मौके पर आयोजित पोस्टर कार्यशाला और प्रदर्शनी में काफी संख्या में लोगों ने शिरकर की। बता दें कि विख्यात हिंदी कवि वीरेन डंगवाल का 28 सितंबर, 2015 को देहांत हो गया था।
कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में चित्रकार डा. राजकुमार सिंह ने कहा कि कवि डंगवाल आम जनता के बीच उनके साथ रहकर उनके पहलुओं को अपनी कविताओं के माध्यम से शब्दों को माला में पिरोकर पाठकों के बीच रखते थे। उनका कहना था कि मनुष्य को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। वीरेन डंगवाल कवि के साथ जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक अध्यापक, लेखक और प्रभावी संपादक भी थे।
कार्यशाला में राजीव गुप्ता ने वीरेन डंगवाल की प्रसिद्ध कविताओं को कागज पर उकेरा। मीरा ने उनकी कविता कपड़ों के ढेर, आशीष ने मां की याद पर, आनंद ने अकेला तू, सपना सिंह ने समता के लिए, एजाज ने गंगा स्तवन और प्रियंका, साधना, बबिता, चंदन, कृष्ण पासवान ने कई मनोकृतियों को कागज पर उकेरा।
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वरुण ने डंगवाल का छवि चित्र बनाया। इसके अलावा चित्रकारों ने प्रसिद्ध कवि गोरख पांडेय, शिवकुमार पराग, राम जियावन बावला, ज्ञानेंद्र पति, जितेंद्र कुमार, महादेवी वर्मा आदि की कविताओं पर आधारित कविता चित्र पोस्टरों की प्रदर्शनी भी आयोजित की। इस कार्यशाला में लगभग 35 कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
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कार्यशाला के दौरान अपने संबोधन में चित्रकार डा. राजकुमार सिंह ने कहा कि कवि डंगवाल आम जनता के बीच उनके साथ रहकर उनके पहलुओं को अपनी कविताओं के माध्यम से शब्दों को माला में पिरोकर पाठकों के बीच रखते थे। उनका कहना था कि मनुष्य को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। वीरेन डंगवाल कवि के साथ जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक अध्यापक, लेखक और प्रभावी संपादक भी थे।
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कार्यशाला में राजीव गुप्ता ने वीरेन डंगवाल की प्रसिद्ध कविताओं को कागज पर उकेरा। मीरा ने उनकी कविता कपड़ों के ढेर, आशीष ने मां की याद पर, आनंद ने अकेला तू, सपना सिंह ने समता के लिए, एजाज ने गंगा स्तवन और प्रियंका, साधना, बबिता, चंदन, कृष्ण पासवान ने कई मनोकृतियों को कागज पर उकेरा।
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वरुण ने डंगवाल का छवि चित्र बनाया। इसके अलावा चित्रकारों ने प्रसिद्ध कवि गोरख पांडेय, शिवकुमार पराग, राम जियावन बावला, ज्ञानेंद्र पति, जितेंद्र कुमार, महादेवी वर्मा आदि की कविताओं पर आधारित कविता चित्र पोस्टरों की प्रदर्शनी भी आयोजित की। इस कार्यशाला में लगभग 35 कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया।