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ग्रामीणों रेलवे ट्रैक पर दिया धरना, ट्रेन रोका
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करीमुद्दीपुर थाना क्षेत्र के कबीरपुर, करीमुद्दीनपुर नवकी पट्टी, सद्दोपुर, अईलखपुर और बैजनाथपुर गांव के ग्रामीणों ने आवागमन में हो रही परेशानी को देखते हुए बुधवार को रेलवे स्टेशन के समपार संख्या 20 के पास रेल ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुपरफास्ट ट्रेन को रोक दिया।
हार्न बजाने फिर ट्रेन से उतरकर समझाने के बाद भी पटरी खाली न करने पर ट्रेन ड्राईवर ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। इधर ट्रेन में स्कॉट कर रहे एमके भारद्वाज ,राम केवल यादव और थानाध्यक्ष प्रवीण यादव सहित स्टेशन मास्टर तौकिर अहमद मौके पर पहुंचे और समझाने- बुझाने में जुट गए। काफी देर बाद ग्रामीण पत्रक देने के बाद ट्रैक से हटे। तब जाकर 45 मिनट बाद ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हुई। करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुपरफास्ट ट्रेन सुबह 10 बजकर नौ मिनट पर पंहुची। समपार संख्या 20 के पास ट्रैक पर ग्रामीणों के बैठने से वह खड़ी रही। धरना दे रहे विकलांग भृगुनाथ चौहान ने कहा कि आने- जाने की समस्या से छह गांव के करीब 4000 हजार ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। इनको गांव मेें प्रवेश और निकास के लिए न सड़क है और न पगडंडी है। समपार संख्या 20 से ही होकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं आने जाने का काम करते हैं। जिसे रेलवे ने मंगलवार की शाम खुदाई कर बाधित कर दिया था। चारों तरफ से अपने को घिरता देख ग्रामिणों को ऐसा कदम उठाना पड़ा। ग्रामिणों ने बताया किरास्ता बाधित होने की सूचना पिछले दिनों सेक्सन इंजीनियर, मंडल इंजीनियर ,स्टेशन मास्टर, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और जिलाधिकारी को जानकारी दी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में विवश होकर धरना देना पड़ा। पत्रक देने के बाद ट्रैक से ग्रामीण हटे। तब - जाकर ट्रेन 10 बजकर 54 मिनट पर गंतव्य के लिए रवाना हुई। इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ट्रैक खाली कराया गया।
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हार्न बजाने फिर ट्रेन से उतरकर समझाने के बाद भी पटरी खाली न करने पर ट्रेन ड्राईवर ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। इधर ट्रेन में स्कॉट कर रहे एमके भारद्वाज ,राम केवल यादव और थानाध्यक्ष प्रवीण यादव सहित स्टेशन मास्टर तौकिर अहमद मौके पर पहुंचे और समझाने- बुझाने में जुट गए। काफी देर बाद ग्रामीण पत्रक देने के बाद ट्रैक से हटे। तब जाकर 45 मिनट बाद ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हुई। करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुपरफास्ट ट्रेन सुबह 10 बजकर नौ मिनट पर पंहुची। समपार संख्या 20 के पास ट्रैक पर ग्रामीणों के बैठने से वह खड़ी रही। धरना दे रहे विकलांग भृगुनाथ चौहान ने कहा कि आने- जाने की समस्या से छह गांव के करीब 4000 हजार ग्रामीण परेशानी झेल रहे हैं। इनको गांव मेें प्रवेश और निकास के लिए न सड़क है और न पगडंडी है। समपार संख्या 20 से ही होकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं आने जाने का काम करते हैं। जिसे रेलवे ने मंगलवार की शाम खुदाई कर बाधित कर दिया था। चारों तरफ से अपने को घिरता देख ग्रामिणों को ऐसा कदम उठाना पड़ा। ग्रामिणों ने बताया किरास्ता बाधित होने की सूचना पिछले दिनों सेक्सन इंजीनियर, मंडल इंजीनियर ,स्टेशन मास्टर, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और जिलाधिकारी को जानकारी दी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में विवश होकर धरना देना पड़ा। पत्रक देने के बाद ट्रैक से ग्रामीण हटे। तब - जाकर ट्रेन 10 बजकर 54 मिनट पर गंतव्य के लिए रवाना हुई। इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ट्रैक खाली कराया गया।
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