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गांव-शहर हुए गरम, बादलों अब तो करो करम
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प्रचंड धूप और उमस भरी गर्मी से गांव -शहर हर ओर जनजीवन बेहाल है। धूप ऐसी हो रही है मानो आसमान से आग बरस रही हो। बाहर निकलने पर ऐसा लगता है जैसे पूरा शरीर धूप में झुलस जाएगा। यही वजह है कि लोग पूरा दिन घरों में रहने को मजबूर हैं। देर शाम को तापमान में कमी आने के बाद भी लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही है। आसमान से बरस रही आग के चलते पूरे दिन शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों एवं बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है।
गरमी अपने चरम पर है। आसमान से अंगारे बरसने का सिलसिला सुबह आठ बजे से ही शुरू हो जा रहा है। तेज धूप एवं लू के थपेड़ों के चलते लोगों का घर से निकलना दूभर हो जाता है। लगातार पड़ रही तेज धूप एवं उमस भरी गर्मी से आम जन ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
भीषण गर्मी के चलते सुबह दस बजे के बाद लोग घर से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। आफिस, दुकान एवं उपचार आदि के सिलसिले में ही लोग निकल रहे हैं। बहुत जरूरी है तभी लोग घरों से बाहर निकलना मुनासिब समझ रहे हैं। दोपहर होते ही प्रमुख सड़कों-चौराहों पर सन्नाटा छा जा रहा है। यह स्थिति लगातार कई दिनों से बनी हुई है।
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शाम छह बजे के बाद भी गर्म हवा की तपिश महसूस की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर तो दोपहर होते-होते सन्नाटा पसर जाता है। बाजार में भी चहल-पहल कम हो रही है। सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। भीषण गर्मी जहां लोगों को झुलसा रही है वहीं इससे सब्जियों के भाव भी आसमान छू रहे हैं। प्रचंड गर्मी की वजह से सब्जियों की पैदावार प्रभावित हो रही है। किसानों के तमाम जतन करने के बाद भी सब्जियां सूख रही हैं। इससे पैदावार प्रभावित है और भाव बढ़े हुए हैं।
सूख रही धान की नर्सरी
गाजीपुर। बारिश होने पर आने वाले दिनों में किसानों की ओर से धान की रोपाई शुरू की जाएगी। इसके लिए किसान धान की नर्सरी लगाने में जुटे हुए हैं लेकिन भीषण गर्मी के कारण अभी बड़ी संख्या में किसान नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। जिन किसानों ने नर्सरी लगा दी है उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद दोपहर की तपन में नर्सरी झुलसने लगती है।
बच्चों को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी
फिजीशियन डा. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी से बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसलिए बच्चों को धूप में न निकलने दें। समय-समय पर तरल पेय पदार्थ देते रहें। घर से बाहर बच्चों को लेकर जाना पड़े तो बच्चों को पूरे कपड़े पहनाए रखें। मुंह, कान और सिर जरूर ढंके रहें जिससे धूप का प्रभाव उन पर कम हो। मुंह एवं कान के माध्यम से गर्म हवा के मस्तिष्क तक पहुंचने की ज्यादा संभावना रहती है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।
खेतों में दरार पड़ने से नर्सरी के खराब होने की संभावना
मुहम्मदाबाद। आसमान से बरसती आग का फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। तेज धूप एवं प्रचंड गर्मी से सिंचाई के अभाव में धान की नर्सरी भी सूखने लगी है इससे किसान परेशान हैं। क्षेत्र के हाटा, सिलाइच, रघुवरगंज, परसा, मलिकपुरा, अहिरौली, बच्छलकापुरा आदि गांवों में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है। तेज धूप के कारण सब्जी की फसल को बचाने के लिए एक दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी पड़ रही है जिससे किसानों को लागत अधिक पड़ रही है। अधिक गर्मी की वजह से इस वर्ष उरद की फसल भी काफी कम हुई है। किसान संघ के जिला मंत्री अवधेश कुशवाहा ने बताया कि गर्मी ने अन्नदाताओं की समस्या ही बढ़ा दी है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी डाल दी है वह सूरज की तपिश से पीली एवं सफेद तो हो ही रही है। खेतों में दरार पड़ने से नर्सरी के खराब होने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले दिनों में भी यही हाल रहा तो किसानों को और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बादल छाए रहने की संभावना
गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि मानसून 20 तक आने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। आने वाले पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि बारिस की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री एवं न्यूनतम 30 से 31 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है। पश्चिमी हवा औसत 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा से चलने की उम्मीद है।
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गरमी अपने चरम पर है। आसमान से अंगारे बरसने का सिलसिला सुबह आठ बजे से ही शुरू हो जा रहा है। तेज धूप एवं लू के थपेड़ों के चलते लोगों का घर से निकलना दूभर हो जाता है। लगातार पड़ रही तेज धूप एवं उमस भरी गर्मी से आम जन ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
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भीषण गर्मी के चलते सुबह दस बजे के बाद लोग घर से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। आफिस, दुकान एवं उपचार आदि के सिलसिले में ही लोग निकल रहे हैं। बहुत जरूरी है तभी लोग घरों से बाहर निकलना मुनासिब समझ रहे हैं। दोपहर होते ही प्रमुख सड़कों-चौराहों पर सन्नाटा छा जा रहा है। यह स्थिति लगातार कई दिनों से बनी हुई है।
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शाम छह बजे के बाद भी गर्म हवा की तपिश महसूस की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर तो दोपहर होते-होते सन्नाटा पसर जाता है। बाजार में भी चहल-पहल कम हो रही है। सोमवार को जिले का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। भीषण गर्मी जहां लोगों को झुलसा रही है वहीं इससे सब्जियों के भाव भी आसमान छू रहे हैं। प्रचंड गर्मी की वजह से सब्जियों की पैदावार प्रभावित हो रही है। किसानों के तमाम जतन करने के बाद भी सब्जियां सूख रही हैं। इससे पैदावार प्रभावित है और भाव बढ़े हुए हैं।
सूख रही धान की नर्सरी
गाजीपुर। बारिश होने पर आने वाले दिनों में किसानों की ओर से धान की रोपाई शुरू की जाएगी। इसके लिए किसान धान की नर्सरी लगाने में जुटे हुए हैं लेकिन भीषण गर्मी के कारण अभी बड़ी संख्या में किसान नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। जिन किसानों ने नर्सरी लगा दी है उन्हें पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद दोपहर की तपन में नर्सरी झुलसने लगती है।
बच्चों को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी
फिजीशियन डा. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी से बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसलिए बच्चों को धूप में न निकलने दें। समय-समय पर तरल पेय पदार्थ देते रहें। घर से बाहर बच्चों को लेकर जाना पड़े तो बच्चों को पूरे कपड़े पहनाए रखें। मुंह, कान और सिर जरूर ढंके रहें जिससे धूप का प्रभाव उन पर कम हो। मुंह एवं कान के माध्यम से गर्म हवा के मस्तिष्क तक पहुंचने की ज्यादा संभावना रहती है। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।
खेतों में दरार पड़ने से नर्सरी के खराब होने की संभावना
मुहम्मदाबाद। आसमान से बरसती आग का फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। तेज धूप एवं प्रचंड गर्मी से सिंचाई के अभाव में धान की नर्सरी भी सूखने लगी है इससे किसान परेशान हैं। क्षेत्र के हाटा, सिलाइच, रघुवरगंज, परसा, मलिकपुरा, अहिरौली, बच्छलकापुरा आदि गांवों में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है। तेज धूप के कारण सब्जी की फसल को बचाने के लिए एक दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी पड़ रही है जिससे किसानों को लागत अधिक पड़ रही है। अधिक गर्मी की वजह से इस वर्ष उरद की फसल भी काफी कम हुई है। किसान संघ के जिला मंत्री अवधेश कुशवाहा ने बताया कि गर्मी ने अन्नदाताओं की समस्या ही बढ़ा दी है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी डाल दी है वह सूरज की तपिश से पीली एवं सफेद तो हो ही रही है। खेतों में दरार पड़ने से नर्सरी के खराब होने की संभावना बढ़ गई है। आने वाले दिनों में भी यही हाल रहा तो किसानों को और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बादल छाए रहने की संभावना
गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि मानसून 20 तक आने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। आने वाले पांच दिनों के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि बारिस की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री एवं न्यूनतम 30 से 31 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है। पश्चिमी हवा औसत 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा से चलने की उम्मीद है।