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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Today is the festival of Satua Sankranti, flood of faith will surge on the ghats of Ganga.

Ghazipur News: सतुआ संक्रांति का पर्व आज, गंगा घाटों पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब

Sun, 14 Apr 2024 02:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2024 02:45 AM IST
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Today is the festival of Satua Sankranti, flood of faith will surge on the ghats of Ganga.
गाजीपुर। सतुआ संक्रांति का पर्व रविवार को है। सतुआ संक्रांति पर गंगा घाटों पर स्नान और दान-पुण्य को लेकर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। मेष राशि में सूर्य के प्रवेश करने पर सतुआ संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। सतुआ संक्रांति का पर्व नगर से लेकर गांवों तक में प्रत्येक घर में मनाया जाता है। सतुआ संक्रांति के साथ ही खरमास भी समाप्त हो जाएगा। इसके कारण शुभ मुहूर्त का श्रीगणेश होगा और शहनाइयां बजेंगी।
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सतुआ संक्रांति पर लोग सुबह-सुबह गंगा घाटों पर स्नान के लिए जाएंगे। इसके कारण नगर का चीतनाथ और ददरीघाट विशेष रूप से गुलजार रहेगा। स्नान के बाद लोग मिट्टी के बर्तन में पानी, गेहूं, जौ, चना, मक्का का सत्तू और आम का टिकोरा अपने इष्ट देव को चढ़ाएंगे। प्रसाद चढ़ाने के बाद लोग सपरिवार उसको ग्रहण करेंगे। सतुआ संक्रांति पर सत्तू दान करने का भी विशेष महत्व है। सतुआ संक्रांति पर लोग अपने घरों में सपरिवार सत्तू और आम के टिकोर की चटनी को बड़े चाव के साथ खाते हैं। जब भगवान भास्कर मीन से मेष राशि में प्रवेश करते हैं तो सतुआ संक्रांति की शुरुआत होती है। वहीं खरमास समाप्त होने के साथ ही शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। इसके कारण कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। साथ ही लग्न की शुरुआत होने से शहनाइयां बजेंगी।
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पं. मुनींद्र उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को रात में 11.17 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। अगले दिन सुबह दस बजे तक पूर्णकाल का समय रहेगा। भांवरकोल : सतुआ संक्रांति पर सत्तू खाने की परंपरा काफी समय से चली आ रही है। इस दिन लोग मिट्टी के बर्तन में भगवान को पानी, गेहूं, जौ, चना और मक्का के सत्तू के साथ आम का टिकोरा चढ़ाते हैं। इसके बाद वह स्वयं इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। सतुआ संक्रांति के दिन घरों में आम के टिकोरे और इमली की चटनी बनाई जाती है। इसके बाद चना, जौ, गेहूं और मक्का की सत्तू मिलाकर पानी में आटे की तरह गूंथ कर खाया जाता है। लोग इसके साथ अचार, चोखा और चटनी खाते हैं। इसके अलावा कई लोग नींबू, मिर्च, टमाटर, चटनी, नमक आदि मिलाकर केवल चने के सत्तू का ही सेवन करते हैं।
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