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मांगें मनवाने के लिए किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:01 AM IST
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के धरने के दौरान बोलते महामंत्री निर्भय नारायन सिंह
- फोटो : ghazipur
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण के मंडल कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर बुधवार को कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
इस मौके पर समिति के जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि पांच दिसंबर को शक्ति भवन लखनऊ पर हुए धरना-प्रदर्शन में मुख्यमंत्री द्वारा समिति के नेताओं को यह आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं, मांगों का निराकरण द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से करा दिया जाएगा। बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विजयशंकर राय ने कहा कि सरकार द्वारा मांगेे पूरी न करने पर आंदोलन करने को विवश होना पड़ रहा है। समिति के अजय विश्वकर्मा ने कहा कि परिवहन निगम की तरह बिजली निगमों में विभागीय संविदा लागू किया जाए।
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उच्चतम न्यायालय के आदेश और संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अनुपालन में नियमित कर्मचारी के बराबर वेतन का भुगतान विभाग द्वारा सीधे किया जाए। श्रमिक नेताओं सहित 155 कर्मचारियों पर 10 फरवरी 2015 के घटना के संबंध में दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए।
कार्यालय सहायक एवं टीजी-टू को 4200 तथा चतुर्थ श्रेणी को 2600 का ग्रेड पे दिया जाए। बिजली विभाग में जनवरी 2005 तक सेवा में आए कर्मियों को भी राज्य सरकार के भांति पेंशन दिया जाए। प्रर्शन करने वालों ने कहा कि यदि मांगों पूर्ण नहीं किया गया तो आंदोलन चलाया जाएगा।
कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपने कर्मियों का ध्यान रखे।
धरना में शिदर्शन सिंह, मस्टररोल संघ के अध्यक्ष सुरेश सिंह, संजय यादव, विजयशंकर राय, श्यामनारायण सिंह, एके सिन्हा, पंकज सिंह, गजानन चौधरी, महेंद्र यादव, कमलेश यादव, संतोष, अजय विश्वकर्मा, विष्णु राय, पंकज वर्मा, इंसाफ अली, रामधन राम, धीरेंद्र, पंकज सिंह, पिताम्बर, कपिल गुप्ता, गुप्तेश्वर राम, मनोज वर्मा धमेंद्र सिंह, सलीम, रामदुलार आदि रहे।
अध्यक्षता विजयशंकर राय संचालन सुरेश सिंह ने किया।
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इस मौके पर समिति के जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि पांच दिसंबर को शक्ति भवन लखनऊ पर हुए धरना-प्रदर्शन में मुख्यमंत्री द्वारा समिति के नेताओं को यह आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह के अंदर समस्याओं, मांगों का निराकरण द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से करा दिया जाएगा। बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विजयशंकर राय ने कहा कि सरकार द्वारा मांगेे पूरी न करने पर आंदोलन करने को विवश होना पड़ रहा है। समिति के अजय विश्वकर्मा ने कहा कि परिवहन निगम की तरह बिजली निगमों में विभागीय संविदा लागू किया जाए।
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उच्चतम न्यायालय के आदेश और संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अनुपालन में नियमित कर्मचारी के बराबर वेतन का भुगतान विभाग द्वारा सीधे किया जाए। श्रमिक नेताओं सहित 155 कर्मचारियों पर 10 फरवरी 2015 के घटना के संबंध में दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए।
कार्यालय सहायक एवं टीजी-टू को 4200 तथा चतुर्थ श्रेणी को 2600 का ग्रेड पे दिया जाए। बिजली विभाग में जनवरी 2005 तक सेवा में आए कर्मियों को भी राज्य सरकार के भांति पेंशन दिया जाए। प्रर्शन करने वालों ने कहा कि यदि मांगों पूर्ण नहीं किया गया तो आंदोलन चलाया जाएगा।
कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपने कर्मियों का ध्यान रखे।
धरना में शिदर्शन सिंह, मस्टररोल संघ के अध्यक्ष सुरेश सिंह, संजय यादव, विजयशंकर राय, श्यामनारायण सिंह, एके सिन्हा, पंकज सिंह, गजानन चौधरी, महेंद्र यादव, कमलेश यादव, संतोष, अजय विश्वकर्मा, विष्णु राय, पंकज वर्मा, इंसाफ अली, रामधन राम, धीरेंद्र, पंकज सिंह, पिताम्बर, कपिल गुप्ता, गुप्तेश्वर राम, मनोज वर्मा धमेंद्र सिंह, सलीम, रामदुलार आदि रहे।
अध्यक्षता विजयशंकर राय संचालन सुरेश सिंह ने किया।