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Ghazipur News: शहर में तीन प्राइवेट वाहन स्टैंड, लाखों की वसूली पर यात्री सुविधाएं जीरो

Tue, 16 Jul 2024 02:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2024 02:05 AM IST
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Three private vehicle stands in the city, zero passenger facilities on recovery of lakhs
गाजीपुर। शहर के प्रमुख तीन प्राइवेट सवारी वाहन स्टैंड सुविधा विहीन हैं। यहां से प्रतिदिन करीब 30 हजार यात्री सफर करते हैं। यहीं नहीं एक बस स्टैंड से रेलवे जहां एक वर्ष में करीब चार लाख रुपये वसूलता है, तो दो बस स्टैंड से जिला पंचायत रोज 2000 से 3000 रुपये की वसूली करता है, लेकिन सुविधा के नाम पर इनकी अनदेखी की जा रही है। स्टैंड पर कहीं प्रतीक्षालय नहीं है तो कही पीने का पानी नदारद। कहीं पर अंधेरा।
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नगर के प्रमुख बस स्टैंड लंका से प्रतिदिन प्राइवेट बस सुबह पांच बजे से रात करीब आठ बजे तक पांच-पांच मिनट के अंतराल पर रवाना होती है। रोजाना करीब चार हजार यात्री सफर करते हैं। यहां शौचालय की स्थिति बदतर है। पीने का पानी भी नहीं है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश में स्थिति खराब हो जाती है। यहां से रेलवे एक वर्ष में करीब चार लाख रुपये की वसूली करता है, बावजूद सुविधा के नाम पर सब सिफर है।
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अंधेरे में रहता है स्टैंड
2022 के जुलाई में जमानिया तिराहे के पास खाली पड़ी भूमि को स्टैंड तो बनाया गया, लेकिन यहां सुविधाएं न के बराबर हैं। शौचालय का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका। यहां से सात से आठ हजार यात्री प्रतिदिन बारा, गहमर, दुल्लहपुर, जखनिया, मऊ और बिहार के लिए सफर करते हैं। यहां 16 बसें तो 35 छोले सवारी वाहन हैं। स्टैंड अंधेरे में डूबा रहता है।
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यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं
कासिमाबाद, रसड़ा, मुहम्मदाबाद, बाराचवर, भांवरकोल और भरौली सहित अन्य इलाकाें के लिए रौजा बस स्टैंड से करीब 32 से ऊपर वाहन सवारी उठाते हैं। करीब पांच हजार यात्री प्रतिदिन यहां से सफर करते हैं। यहां भी सुविधाएं नदारद हैं। यात्रियों के बैठने के लिए आया सीमेंट का बेंच आज तक लगाया नहीं जा सका। यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं है।
रेलवे की भूमि पर लंका बस स्टैंड हैं, ऐसे में प्रतिवर्ष करीब चार लाख रुपये रेलवे शुल्क लेता है। यात्री सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। -अजय सिंह, अध्यक्ष लंका बस स्टैंड
जमानिया तिराहा स्थित बस स्टैंड पर प्रकाश की आज तक व्यवस्था नहीं हो सकी। स्टैंड में वाहन खड़ा हो गया तो उसे सड़क तक लाने में मशक्कत करनी पड़ती है। -टनटन सिंह, अध्यक्ष बारा- गहमर बस संघ


लंका स्थित रेलवे की भूमि में प्राइवेट बस स्टैंड का संचालन होता है। रेलवे किराया वसूलता है, जो लोग स्टैंड का संचालन करते हैं, उनकी जिम्मेदारी है कि यात्री सुविधा की व्यवस्था करें।- अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल
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