गाजीपुर। राष्ट्र, समाज और सृष्टि के कल्याण का भाव लेकर जिसने भी मिशन चलाया उसे काशी आना पड़ा। बुद्ध, शंकराचार्य, तुलसी, कबीर, नानक सभी को काशी आना पड़ा था। ये बातें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व उप कुलपति गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने कही। वे भाजपा की ओर से बंशी बाजार स्थित एक पैलेस में सेवा पखवाड़ा के तहत दूसरे दिन बृहस्पतिवार को आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी कोई बोझ नहीं था। बस उनके मन में एक मिशन, विचार, सिद्धांत, और आदर्श था। जिसको क्रिया रूप देने के लिए उन्होंने काशी का चयन किया और आज सफलता से विकसित भारत लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। प्रबुद्ध जनों को समाज व राष्ट्र के लिए आगे आना चाहिए। देशभक्तों ने कभी भी अपनी जाति, अपने समाज का विचार नहीं किया। उनके लिए राष्ट्र प्रथम रहा है और वही प्रेरणा प्रधानमंत्री के जीवन आदर्शों मे निहित है। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने सांसद बनने के बाद जिस तरह से गाजीपुर के विकास का विचार किया, वह उनकी जागरूकता, सामाजिक समझ और बीएचयू की शिक्षा का प्रभाव है। आज भी वे इस क्षेत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. केदारनाथ सिंह, प्राचार्य डॉ. राघवेंद्र पांडेय, काशी के पूर्व मेयर राम गोपाल मोहले, शशिधर सिंह आदि मौजूद रहे।