गाजीपुर। ग्रामीण इलाकों में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कहीं टेक्नीशियन नहीं तो कहीं एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है।
करीब एक महीने से सैदपुर सीएचसी पर एक्स-रे प्लेट नहीं है। वहीं, भदौरा व जमानियां के बरूईन स्थित कमरे में एक्स-रे मशीन बंद है। ऐसे में रोज 950 से अधिक मरीजों को जिला मुख्यालय मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। मरदह: तीन माह पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आई एक्स-रे मशीन अब तक चालू नहीं हो सकी है। ग्रामीण अखिलेश यादव ने बताया कि रोज एक्स-रे कराने के लिए 15 से 20 मरीज आते हैं, लेकिन यहां सुविधा नहीं मिलने पर 15 किमी दूर मऊ अथवा 30 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। जबकि इस अस्पताल पर करीब 100 गांव के लोगों की जिम्मेदारी है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रविरंजन ने बताया कि एक्स-रे टेक्नीशियन तैनाती नहीं है। लठ्ठूडीह: गोड़ऊर सीएचसी पर तीन वर्ष से एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। अधीक्षक विपिन कुमार ने बताया कि सहायक टेक्नीशियन की तैनाती है, लेकिन मशीन खराब है। ग्रामीण देवेंद्र कुमार राय ने बताया कि लोगों को एक्स-रे के लिए 23 किमी दूर मुहम्मदाबाद जाना पड़ता है। सैदपुर: सीएचसी अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि सात अगस्त से एक्स-रे प्लेट नहीं है। जय प्रकाश ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज प्राईवेट केंद्र अथवा जिला मुख्यालय जाने को विवश हैं। वीरेंद्र यादव ने बताया कि यहां की स्थिति काफी खराब है। जखनिया: सीएचसी के एक्स-रे मशीन टेक्नीशियन पंकज कुमार ने बताया कि प्लेट नहीं है, ऐसे में मोबाइल पर एक्स-रे कर फिल्म दे दी जाती है। यहां जिस रूप में फिल्म निकालने वाली मशीन रखी गई है, उसके मुताबिक तापमान न मिलने से समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सेवराई: भदौरा सीएचसी पर एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से करीब पांच वर्षों से स्थिति जस की तस है। प्रतिदिन 10 से 12 मरीज निजी केंद्रों में जाने को विवश है। जमानिया: बरूईन निवासी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि सीएचसी पर करीब 10 वर्षों से मशीन कक्ष में बंद है। धूल फांक रही है। ऐसे में यहां के लोगों को जिला मुख्यालय अथवा चंदौली जनपद के अस्पतालों के तरफ रुख करना पड़ता है। कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।