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प्रदेश में कानून का नहीं पुलिस का राज कायम
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गाजीपुर। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को महिला उत्पीड़न और अपराध के विरोध में शुक्रवार को सरजू पांडेय पार्क में प्रदर्शन कर धरना दिया।
इस दौरान एपवा की जिलाध्यक्ष चंद्रावती देवी ने कहा कि प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि पुलिस का राज कायम हो गया है। जो भी लोकतंत्र पसंद जन संगठन या नागरिक सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर रहा है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने का अधिकार जनता को प्राप्त कानूनी अधिकार है जिसे योगी सरकार जनता का दमन करके छीनना चाह रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। चंदौली जिले में 16 अक्तूबर को किसान आंदोलन के समर्थन में महिला नेता प्रमिला मौर्य, श्याम देई, मुन्नी गोड, सुनीता जब आंदोलन में उतरी तो प्रदेश सरकार ने उनके घर पर पुलिस बैठा दिया। जिला सह सचिव मंजू गोंड ने भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के एक हास्पिटल में आपरेशन में गड़बड़ी से दलित महिला लीलावती की मौत की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर हास्पिटल को सील करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में केवला देवी, गिरजा देवी, सुकरा देवी, सविता देवी, परमज्योति यादव, सुरजी देवी, चिंता देवी ने संबोधित किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार सदर को सौंपा।
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इस दौरान एपवा की जिलाध्यक्ष चंद्रावती देवी ने कहा कि प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि पुलिस का राज कायम हो गया है। जो भी लोकतंत्र पसंद जन संगठन या नागरिक सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर रहा है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। लोकतांत्रिक ढंग से विरोध करने का अधिकार जनता को प्राप्त कानूनी अधिकार है जिसे योगी सरकार जनता का दमन करके छीनना चाह रही है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। चंदौली जिले में 16 अक्तूबर को किसान आंदोलन के समर्थन में महिला नेता प्रमिला मौर्य, श्याम देई, मुन्नी गोड, सुनीता जब आंदोलन में उतरी तो प्रदेश सरकार ने उनके घर पर पुलिस बैठा दिया। जिला सह सचिव मंजू गोंड ने भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के एक हास्पिटल में आपरेशन में गड़बड़ी से दलित महिला लीलावती की मौत की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर हास्पिटल को सील करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में केवला देवी, गिरजा देवी, सुकरा देवी, सविता देवी, परमज्योति यादव, सुरजी देवी, चिंता देवी ने संबोधित किया। अंत में राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार सदर को सौंपा।
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