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Ghazipur News: खुशबू-ए शेर से महक जाए जहां, तुम गजल में जरा रातरानी लिखो

Fri, 11 Sep 2026 01:13 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:13 AM IST
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The world should be filled with the fragrance of poetry, you should write night queen in your ghazal.
शहर के सिद्धेश्वर नगर कॉलोनी ​स्थित डॉ. केएन लाल के आवास पर कविता प्रस्तुत करते कवि। स्रोत- आयो
गाजीपुर। ख्यातिप्राप्त होम्योपैथिक चिकित्सक और कवि डॉ. केएन लाल की चौथी पुण्यतिथि मनाई गई। बृहस्पतिवार को शहर के सिद्धेश्वर नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर विचार एवं कवि गोष्ठी हुई। गजलकार गोपाल गौरव ने खुशबू-ए शेर से महक जाए जहां, तुम गजल में जरा रातरानी लिखो गजल सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। इससे पहले गोष्ठी का शुभारंभ डॉ. केएन लाल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन के बाद कवि कामेश्वर द्विवेदी की वाणी वंदना से हुआ।
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युवा कवि मनोज यादव उर्फ बेफिक्र ने अपनी कविता खुद तो सुधरें, उन्हें सुधारें जो पीढ़ी आने वाली है। खुशियों की वह बगिया होगी, जिनके हम सब बनमाली हैं प्रस्तुत की। भोजपुरी एवं हिंदी के वरिष्ठ गीतकार हरिशंकर पांडेय ने अवते पतोहिया चलि गइली विदेशवा सखी हो, बूढ़ा-बूढ़ी झंखत बाड़ें बइठि के दुवरिया राम गीत प्रस्तुत किया। उनके इस मार्मिक गीत को श्रोताओं ने बहुत सराहा। युवा नवगीतकार अक्षय पांडेय ने एक पल तू गीत जैसा मन बना ले, संग मेरे गुनगुना ले, वक्त की खामोशियां छंट जाएगी प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का गंभीर संदेश दिया। वरिष्ठ कवि दिनेशचंद्र शर्मा ने डॉ. केएन लाल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी कविता वर्षों बीत गए आपको गंगा में समाहित हुए, फिर भी बार-बार नमन है आपकी आत्मा के लिए पढ़ी।
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मानवीयता की दिव्य ज्योति आज बुझ रही है...
कामेश्वर द्विवेदी ने भी अपनी छांदस कविता मानवीयता की दिव्य ज्योति आज बुझ रही, कैसा यह अजब विकास का विधान है का पाठ किया। उपस्थित लोगों ने उनकी इस छांदस रचना की सराहना की। इस विचार एवं कवि-गोष्ठी के अवसर पर संजय श्रीवास्तव, अजीत नारायण लाल और गोविंद प्रसाद, आनंद स्वरूप, गिरिधर और जवाहर राय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अंत में, डॉ. केएन लाल के बड़े पुत्र वंशीधर श्रीवास्तव ने सभी कवियों और श्रोताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
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