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Ghazipur News: घटने लगा गंगा का जलस्तर, लेकिन कटान जारी
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गाजीपुर। गंगा के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया है लेकिन, कटान जारी है। भांवरकोल क्षेत्र में कटान से पांच बीघा भूमि शनिवार को गंगा में समाहित हो गई। इससे किसानों में हड़कंप है।
सुबह सात बजे से गंगा प्रति घंटे दो सेमी की रफ्तार से घट रही थी। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 62.360 मीटर दर्ज किया गया। जबकि शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 62.200 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी भी गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही हैं। गंगा का चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। ऐसे में जब तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे नहीं आ जाता, तब तक खतरा टला नहीं है। भांंवरकोल : शेरपुर के जलालपुर मौजा के सइया सेक्टर और मुबारकपुर के पास कटान जारी है। बीते दिनों की अपेक्षा कटान तेज रही। इससे पांच बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में विलीन हो गई। कटान रोकने के लिए बनाए गए बोल्डर पैचिंग के पूरब जलालपुर मौजा के सइया सेक्टर में मुनेंद्र राय, बच्चन बाबा, राजू राय, रामाधार राय, श्री नारायण राय सत्यनारायण राय ,रविंद्र राय आदि किसान प्रभावित हैं। भांगड़ नाले के रास्ते गंगा का पानी धर्मपुरा पुलिया पारकर शेरपुर और कठार आम घाट होते रानीपुर तक पसरा है। गहमर: गांव स्थित नरवा घाट की सीढि़यां अभी भी डूबीं हैं।
नसीरपुर-अठहठा-हसनपुरा मार्ग पर बंद है आवागमन
गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर परमानंदपुर, दुल्लहपुर सहित आधा दर्जन गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ गया था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। रेवतीपुर-कामाख्या-गहमर मार्ग भी पानी में डूब गया था। इससे मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं नसीरपुर-अठहठा-हसनपुरा मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आने से आवागमन बंद है। उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव और क्षेत्राधिकारी जमानिया अनूप कुमार ने बाढ़ प्रभावित गांव साधोपुर उर्फ रामपुर का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पानी कम हो रहा है। परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना है, जब तक पानी पूरी तरह से कम नहीं हो जाता। बच्चों को बाढ़ के पानी में नहाने के लिए जाने न दें।
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गंगा-गोमती के बाढ़ से 43 गांव प्रभावित
औड़िहार। सैदपुर क्षेत्र में गंगा और गोमती दोनों नदियों का जल स्थिर होकर नीचे की ओर जाने लगा है। पिछले 72 घंटे में गंगा के उफान पर रहने से निचले इलाकों में पानी घुसने लगा था। इससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई थी। 50 बीघे से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। सैदपुर क्षेत्र के लगभग 27 गांव गंगा की बाढ़ की चपेट में हैं। जबकि गोमती के बाढ़ से 16 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। दोनों नदियों के किनारे ज्वार, बाजरा की फसलों के अलावा सब्जी की खेती को भी नुकसान हुआ है। गंगा से प्रभावित गांवों में औड़िहार, पटना, सादी-भादी, जौहरगंज, रामतवक्का, कोल्हुवा टोला, आरजी गंज फुलवरिया ,टोडरपुर, दुबैठा, रामपुर माझा, मंझरिया, बंतरिया आदि शामिल हैं। जबकि गोमती नदी से गौरी, गोरखा, तेतारपुर गौरहट, वहदिया, नगरिया नाला के अलावा कुसई, खरवना, सुरजभान चक सिधौना आदि गांव प्रभावित हैं।
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सुबह सात बजे से गंगा प्रति घंटे दो सेमी की रफ्तार से घट रही थी। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 62.360 मीटर दर्ज किया गया। जबकि शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 62.200 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी भी गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही हैं। गंगा का चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। ऐसे में जब तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे नहीं आ जाता, तब तक खतरा टला नहीं है। भांंवरकोल : शेरपुर के जलालपुर मौजा के सइया सेक्टर और मुबारकपुर के पास कटान जारी है। बीते दिनों की अपेक्षा कटान तेज रही। इससे पांच बीघा कृषि योग्य भूमि गंगा में विलीन हो गई। कटान रोकने के लिए बनाए गए बोल्डर पैचिंग के पूरब जलालपुर मौजा के सइया सेक्टर में मुनेंद्र राय, बच्चन बाबा, राजू राय, रामाधार राय, श्री नारायण राय सत्यनारायण राय ,रविंद्र राय आदि किसान प्रभावित हैं। भांगड़ नाले के रास्ते गंगा का पानी धर्मपुरा पुलिया पारकर शेरपुर और कठार आम घाट होते रानीपुर तक पसरा है। गहमर: गांव स्थित नरवा घाट की सीढि़यां अभी भी डूबीं हैं।
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नसीरपुर-अठहठा-हसनपुरा मार्ग पर बंद है आवागमन
गाजीपुर। रेवतीपुर क्षेत्र के नसीरपुर, अठहठा, हसनपुरा, विरऊपुर परमानंदपुर, दुल्लहपुर सहित आधा दर्जन गांवों के चारों तरफ बाढ़ का पानी आ गया था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। रेवतीपुर-कामाख्या-गहमर मार्ग भी पानी में डूब गया था। इससे मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं नसीरपुर-अठहठा-हसनपुरा मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आने से आवागमन बंद है। उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव और क्षेत्राधिकारी जमानिया अनूप कुमार ने बाढ़ प्रभावित गांव साधोपुर उर्फ रामपुर का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पानी कम हो रहा है। परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना है, जब तक पानी पूरी तरह से कम नहीं हो जाता। बच्चों को बाढ़ के पानी में नहाने के लिए जाने न दें।
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गंगा-गोमती के बाढ़ से 43 गांव प्रभावित
औड़िहार। सैदपुर क्षेत्र में गंगा और गोमती दोनों नदियों का जल स्थिर होकर नीचे की ओर जाने लगा है। पिछले 72 घंटे में गंगा के उफान पर रहने से निचले इलाकों में पानी घुसने लगा था। इससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई थी। 50 बीघे से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। सैदपुर क्षेत्र के लगभग 27 गांव गंगा की बाढ़ की चपेट में हैं। जबकि गोमती के बाढ़ से 16 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। दोनों नदियों के किनारे ज्वार, बाजरा की फसलों के अलावा सब्जी की खेती को भी नुकसान हुआ है। गंगा से प्रभावित गांवों में औड़िहार, पटना, सादी-भादी, जौहरगंज, रामतवक्का, कोल्हुवा टोला, आरजी गंज फुलवरिया ,टोडरपुर, दुबैठा, रामपुर माझा, मंझरिया, बंतरिया आदि शामिल हैं। जबकि गोमती नदी से गौरी, गोरखा, तेतारपुर गौरहट, वहदिया, नगरिया नाला के अलावा कुसई, खरवना, सुरजभान चक सिधौना आदि गांव प्रभावित हैं।