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गड्ढामुक्त होगी नवली गांव जाने वाली सड़कें
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 05 May 2015 12:05 AM IST
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इस बार की तरह सिर्फ खराब सड़क के चलते अब मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति का अपने पैतृक गांव नवली आने का कार्यक्रम स्थगित नहीं होगा।
प्रदेश सरकार ने उनके गांव नवली तक जाने वाली सड़कों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। भविष्य में उन्हें गांव जाने में न तो हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही वहां जाने की उनकी इच्छा ही अधूरी रहेगी।
इस गांव में बिजली, पानी, जलनिकासी की समस्या है। पीएचसी भी नहीं है। मारीशस के पूर्व उप राष्ट्रपति अब्दुल कय्यूम वन्दन के पूर्वज करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले मारीशस जाकर वहीं बस गए थे।
8 जुलाई 1937 को श्री अब्दुल कय्यूम का जन्म सेंट लुईस में हुआ था। मारीशस में शिक्षा ग्रहण करने के बाद फ्रांस में राजदूत एवं युवा और खेल मंत्रालय का दायित्व संभाल चुके अब्दुल कय्यूम 25 फरवरी वर्ष 2002 में उप राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हुए।
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वह पांच वर्षों तक उपराष्ट्रपति रहे। उनके चचेरे भाई जमशेद अंसारी जमानिया तहसील के नवली गांव में रहते हैं। चौदह वर्ष पहले यहां आ चुके अब्दुल कय्यूम वन्दन को 2 मई को गांव आना था
लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया था। हालांकि उनके कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण काफी उत्साहित थे। पूर्व उपराष्ट्रपति के गांव नहीं आने पर सभी निराश हो गए थे।
मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति के सम्मान में लखनऊ में रविवार रात प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इसमें प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री व इंडो मारीशस सोशलिस्ट कौंसिल के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि नवली गांव की सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। इसके अलावा अन्य जरूरतें भी पूरी की जाएंगी। प्रदेश सरकार उनके गांव जाने वाली सड़कों का शीघ्र ही कायाकल्प कराएगी।
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प्रदेश सरकार ने उनके गांव नवली तक जाने वाली सड़कों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। भविष्य में उन्हें गांव जाने में न तो हिचकोले खाने पड़ेंगे और न ही वहां जाने की उनकी इच्छा ही अधूरी रहेगी।
इस गांव में बिजली, पानी, जलनिकासी की समस्या है। पीएचसी भी नहीं है। मारीशस के पूर्व उप राष्ट्रपति अब्दुल कय्यूम वन्दन के पूर्वज करीब डेढ़ सौ वर्ष पहले मारीशस जाकर वहीं बस गए थे।
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8 जुलाई 1937 को श्री अब्दुल कय्यूम का जन्म सेंट लुईस में हुआ था। मारीशस में शिक्षा ग्रहण करने के बाद फ्रांस में राजदूत एवं युवा और खेल मंत्रालय का दायित्व संभाल चुके अब्दुल कय्यूम 25 फरवरी वर्ष 2002 में उप राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हुए।
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वह पांच वर्षों तक उपराष्ट्रपति रहे। उनके चचेरे भाई जमशेद अंसारी जमानिया तहसील के नवली गांव में रहते हैं। चौदह वर्ष पहले यहां आ चुके अब्दुल कय्यूम वन्दन को 2 मई को गांव आना था
लेकिन सड़क जर्जर होने के कारण उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया था। हालांकि उनके कार्यक्रम को लेकर ग्रामीण काफी उत्साहित थे। पूर्व उपराष्ट्रपति के गांव नहीं आने पर सभी निराश हो गए थे।
मारीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति के सम्मान में लखनऊ में रविवार रात प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इसमें प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री व इंडो मारीशस सोशलिस्ट कौंसिल के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि नवली गांव की सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। इसके अलावा अन्य जरूरतें भी पूरी की जाएंगी। प्रदेश सरकार उनके गांव जाने वाली सड़कों का शीघ्र ही कायाकल्प कराएगी।