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पक्षियों का अनूठा संसार पुरैना ताल किनारे मना इंटरनेशनल वेटलैंडस दिवस
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इंटरनेशनल वेटलैंडस दिवस के अवसर पर क्षेत्र के प्रवासी पक्षियों का अनूठा संसार कहे जाने वाले पुरैना ताल में उत्तर प्रदेश बर्ड फेस्टिवल 2022 का आयोजन हुआ। महाहर धाम परिसर में स्थित पुरैना ताल में लंबी टांगों वाले पक्षी, जलीय पक्षी, गौरैया, मैना, चरखी, बटेर, सारस, रामचिरैया, शुतुरमुर्ग, कोयल, बुलबुल, गिद्ध, बत्तक, बगुला, डुबडुबी, किलकिला, जल मुर्गी, टिटहरी, भुजंग, चील, नीलकंठ सहित अन्य पक्षियों का जमावड़ा लगता है।
बुधवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग (वन विभाग) के नेतृत्व में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। इसी कड़ी में क्षेत्र के दर्जनों विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न पक्षियों पर निबंध, चित्रकला, रंगोली बनाया। जिसमें श्रीरामचंद्र मेमोरियल इंटर कालेज सराय मुबारक के विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-चार की परी यादव प्रथम, कक्षा-12 की सुदीश प्रजापति द्वितीय, कक्षा-9 की आयुषी यादव तृतीय, चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-7 की गौरी चौहान प्रथम, कक्षा-8 से कृष्णा गिरी द्वितीय, कक्षा-7 से आसू कुमारी तृतीय, रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा-9 की आकृति कुमारी प्रथम, कक्षा-11 से आंचल कुमारी द्वितीय, कक्षा-9 से अनुपम राव तृतीय रहे।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर डां दिवाकर मिश्र ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम तभी सफल होगा जब अगले साल इसमें बदलाव होगा।
उन्होंने किसानों, अभिभावकों व छात्र-छात्राओं से कहा कि प्रकृति आपकी पूंजी, धरोहर है। अगर आप उसकी सुरक्षा-संरक्षा के बारे में नहीं चिंतित होंगे तो कोई व्यवस्था हो सुधार संभव नहीं है। कल जहां तालाब, गढ़ई, पोखरे थे वहां विकास का ऐसा पहिया चला कि कुकुरमुत्ते की तरह भवन बन गए। शहरों के नक्शे बदल गए। जो प्रकृति का संतुलन को बिल्कुल बिगाड़ दिया। डा. सर्वेश कुमार सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह आपकी धरोहर विधाता ने दिया है इसे संजोकर रखना आपकी जिम्मेदारी है। अगर योगदान नहीं दे सकते तो उसे बचाने का प्रयास जरूर करें। अगर कोई चिड़ियों का घोसला दिखे तो उसे उजाड़ने का प्रयास न करें। भले उसमें कोई पक्षी न हो। हो सके उसी तिनके के सहारे या प्रयास से किसी का बसेरा बन जाए। वहीं, प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को शिल्ड मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर देवेंद्र सिंह, रामनरायण सिंह यादव, प्रदीप, वीरेंद्र पांडेय, शोभनाथ यादव, विजय शंकर सिंह, मनोज कुमार, जितेश यादव, बहादुर यादव, संजय कुमार, संतोष यादव, बृजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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बुधवार को सामाजिक वानिकी प्रभाग (वन विभाग) के नेतृत्व में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। इसी कड़ी में क्षेत्र के दर्जनों विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न पक्षियों पर निबंध, चित्रकला, रंगोली बनाया। जिसमें श्रीरामचंद्र मेमोरियल इंटर कालेज सराय मुबारक के विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-चार की परी यादव प्रथम, कक्षा-12 की सुदीश प्रजापति द्वितीय, कक्षा-9 की आयुषी यादव तृतीय, चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-7 की गौरी चौहान प्रथम, कक्षा-8 से कृष्णा गिरी द्वितीय, कक्षा-7 से आसू कुमारी तृतीय, रंगोली प्रतियोगिता में कक्षा-9 की आकृति कुमारी प्रथम, कक्षा-11 से आंचल कुमारी द्वितीय, कक्षा-9 से अनुपम राव तृतीय रहे।
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मुख्य अतिथि प्रोफेसर डां दिवाकर मिश्र ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम तभी सफल होगा जब अगले साल इसमें बदलाव होगा।
उन्होंने किसानों, अभिभावकों व छात्र-छात्राओं से कहा कि प्रकृति आपकी पूंजी, धरोहर है। अगर आप उसकी सुरक्षा-संरक्षा के बारे में नहीं चिंतित होंगे तो कोई व्यवस्था हो सुधार संभव नहीं है। कल जहां तालाब, गढ़ई, पोखरे थे वहां विकास का ऐसा पहिया चला कि कुकुरमुत्ते की तरह भवन बन गए। शहरों के नक्शे बदल गए। जो प्रकृति का संतुलन को बिल्कुल बिगाड़ दिया। डा. सर्वेश कुमार सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह आपकी धरोहर विधाता ने दिया है इसे संजोकर रखना आपकी जिम्मेदारी है। अगर योगदान नहीं दे सकते तो उसे बचाने का प्रयास जरूर करें। अगर कोई चिड़ियों का घोसला दिखे तो उसे उजाड़ने का प्रयास न करें। भले उसमें कोई पक्षी न हो। हो सके उसी तिनके के सहारे या प्रयास से किसी का बसेरा बन जाए। वहीं, प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को शिल्ड मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर देवेंद्र सिंह, रामनरायण सिंह यादव, प्रदीप, वीरेंद्र पांडेय, शोभनाथ यादव, विजय शंकर सिंह, मनोज कुमार, जितेश यादव, बहादुर यादव, संजय कुमार, संतोष यादव, बृजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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