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Ghazipur News: ठंड से फसल में झुलसा रोग होने की बढ़ी आशंका

Mon, 22 Dec 2025 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Dec 2025 12:08 AM IST
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The possibility of crop blight due to cold increases
गहमर। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बीते तीन दिनों से ठंड के बढ़ते प्रकोप ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इसके साथ ही खेतों में लहलहा रही फसल पर भी मौसम की मार पड़ सकती है। किसानों को इस बार आलू, टमाटर, सरसों, पपीता एवं प्याज की खेती से अच्छी आमदनी की उम्मीद है, लेकिन मौसम के अचानक बदले मिजाज और बढ़ती ठंड ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। फसल में झुलसा रोग होने की आशंका मंडराने लगी है। महंगाई की मार झेलते हुए बीज, खाद और दवा पर भारी खर्च कर फसल लगाने वाले किसानों के सामने अब फसल को बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। क्षेत्र के किसान कपिल सिंह, लालजी, रविंद्र कुमार, मनोज यादव, जितेन्द्र उपाध्याय, श्रीकांत चौबे एवं शैलेंद्र उपाध्याय आदि ने बताया कि जिन फसल की पत्तियों में पानी की मात्रा अधिक होती है, उन पर ठंड का प्रभाव ज्यादा पड़ रहा है। विशेषकर आलू, टमाटर, प्याज की नर्सरी, पपीता तथा सरसों के फूल पर पाले का असर दिखने लगा है। किसानों के अनुसार अधिकांश आलू की फसल में झुलसा रोग की आशंका बढ़ गई है। वहीं प्याज की नर्सरी में गलका रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। अगर समय रहते बचाव के उपाय नहीं किए गए, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सहायक विकास अधिकारी कृषि प्रभाकर पांडेय ने बताया कि आलू, टमाटर एवं प्याज की नर्सरी वाले खेतों के चारों ओर शाम के समय धुआं करने से पाले का असर कम किया जा सकता है। इसके अलावा चार-पांच दिन के अंतराल पर हल्की पटवन करना भी फायदेमंद रहेगा। रीडोमिल पाउडर दो ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
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