गाजीपुर/ सुहवल। शासन एक तरफ जहां पंचायतों को मजबूत कर उन्हें तमाम तरह के अधिकारों से सुसज्जित कर रहा है वहीं, दूसरी ओर कई गांवों को अपने पंचायत भवन के लिए तरसना पड़ रहा है। जिले में कुल 1238 ग्राम पंचायत हैं, जहां पिछले दिसंबर तक पंचायत भवन का काम पूरा कर लेना था। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते सिर्फ 398 गांवों में ही पंचायत भवन का काम पूरा हो पाया है। शासन की ओर से पिछले साल 796 ग्राम पंचायतों में नये पंचायत भवन बनाने के लिए करीब 143 करोड़ 28 लाख रुपये मंजूर किया गया था जिसे बीते वर्ष 2020 दिसंबर माह तक पंचायत भवन का पूरा कर लेना था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सिर्फ 398 पंचायत भवनों का ही निर्माण पूरा हो सका है।इस कारण अन्य ग्राम पंचायतों को खुद के भवन के लिए दूसरे का आंगन तलाशना पड़ रहा है। जिले में तीन तरह के पंचायत भवन की कार्य योजना है। एक पंचायत भवन जिसमें दो कमरें, एक हाल, बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, बरामदा आदि सबकी सुविधा रहेगी जिसकी लागत करीब चौदह लाख पच्चास हजार रुपये है। दूसरी तरह की पंचायत भवन में चार कमर होगी जिसकी लागत सत्रह लाख सैतालिस हजार और तीसरी तरह के पंचायत भवन जिसमें आठ कमरें होंगे। उसकी लागत करीब 19 लाख 99 हजार है। ग्रामीणों ने बताया कि जिले के डुहियां, पटकनियां सहित अन्य गांवों में बनने वाला पंचायत भवन विभागीय उदासीनता के चलते अधर में लटका पड़ा है। ऐसे ही सोनवल, रमवल आदि ग्राम सभाओं में नये पंचायत भवन का निर्माण तक शुरू नहीं हो सका है। जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में नये पंचायत भवनों का निर्माण जारी है। 398 पंचायत भवन का निर्माण हो चुका है जबकि शेष इतने ही पंचायत भवनों का निर्माण आगामी अगस्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जायेगा।