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नया सत्र शुरू...गर्मी छुट्टियां भी खत्म होने को पर बबुआ हैं बगैर किताबों के
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गाजीपुर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत अप्रैल महीने में हो चुकी है। गरमी की छुटिटयों के बाद सोलह जून से स्कूल खुलेंगे। इसमें गिनती के दिन शेष रह गए हैं लेकिन अभी तक जिले को पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में बबुआ को बिना किताबों के ही पढ़ना होगा। वजह बीते वर्ष की तरह इस बार भी पुस्तकें देर से ही मिलेगी।
परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के साथ ही उनके ठहराव के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं में से एक है नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित करने की योजना। जिले में वर्तमान में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें दो लाख 79 हजार बच्चे नामांकित हैं।
बीते पहली अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। स्कूल चलो अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य से अधिक करीब 70 हजार बच्चों का नवीन नामांकन किया गया। करीब डेढ़ महीने स्कूल खुले रहे बच्चों ने बिना नई किताब के ही पुरानी पुस्तकों से ही पढ़ाई की। इसके बाद ग्रीष्मावकाश हो गया। गरमी की छुट्टी समाप्त होने में छह दिन शेष हैं। सोलह जून से विद्यालय खुलने वाले हैं लेकिन अभी तक शासन की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को नई किताबें अभी तक नहीं मिल सकी है। इनके जल्द मिल पाने की उम्मीद भी कम ही नजर आ रही है। ऐसे में उनको पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ेगा। बीते वर्ष भी पाठ्य पुस्तकें समय पर नहीं मिल पाई थी। पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद गठित समिति की तरफ से इनका सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विकास खंडवार इनका वितरण किया जाएगा। इस तरह से बीते वर्ष की तरह इस बार भी बच्चों को किताबें देर से ही मिलेगी जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी।
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शत-प्रतिशत से अधिक नामांकन करा पाया था प्रदेश में चौथा स्थान
गाजीपुर। शासन की ओर से स्कूल चलो अभियान के तहत जिले को 62389 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विगत सत्र में दो लाख 89 हजार 900 बच्चे नामांकित थे। इसके सापेक्ष शैक्षिक सत्र 2022-23 में कुल नामांकन का लक्ष्य तीन लाख 52 हजार 289 निर्धारित किया गया था। इस तरह से जिले को 62389 नवीन बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया था। इसकी तुलना में 70305 नवीन नामांकित बच्चों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। शत-प्रतिशत से अधिक नामांकन कर गाजीपुर ने प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
पुस्तकालय के लिए मिली पुस्तकें
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना कराई गई है। इसमें बच्चों के पाठ्यक्रम के इतर ज्ञानवर्द्धक एवं प्रेरणाप्रद पुस्तकें एनबीटी एवं एनसीईआरटी की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ष के लिए पुस्तकें जिले को उपलब्ध करा दी गई है। ये पुस्तकें अधिकांश विद्यालयों को वितरित कर दी गई है।
राज्य स्तर से अभी पुस्तकें प्राप्त नहीं हुई है। इनके मिलते ही विद्यालयों को उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द बच्चों में इनका वितरण करा दिया जाएगा। इसके वितरण के लिए परिवहन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है- हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी
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परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के साथ ही उनके ठहराव के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं में से एक है नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरित करने की योजना। जिले में वर्तमान में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें दो लाख 79 हजार बच्चे नामांकित हैं।
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बीते पहली अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। स्कूल चलो अभियान के दौरान निर्धारित लक्ष्य से अधिक करीब 70 हजार बच्चों का नवीन नामांकन किया गया। करीब डेढ़ महीने स्कूल खुले रहे बच्चों ने बिना नई किताब के ही पुरानी पुस्तकों से ही पढ़ाई की। इसके बाद ग्रीष्मावकाश हो गया। गरमी की छुट्टी समाप्त होने में छह दिन शेष हैं। सोलह जून से विद्यालय खुलने वाले हैं लेकिन अभी तक शासन की तरफ से पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को नई किताबें अभी तक नहीं मिल सकी है। इनके जल्द मिल पाने की उम्मीद भी कम ही नजर आ रही है। ऐसे में उनको पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ेगा। बीते वर्ष भी पाठ्य पुस्तकें समय पर नहीं मिल पाई थी। पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद गठित समिति की तरफ से इनका सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विकास खंडवार इनका वितरण किया जाएगा। इस तरह से बीते वर्ष की तरह इस बार भी बच्चों को किताबें देर से ही मिलेगी जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी।
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शत-प्रतिशत से अधिक नामांकन करा पाया था प्रदेश में चौथा स्थान
गाजीपुर। शासन की ओर से स्कूल चलो अभियान के तहत जिले को 62389 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विगत सत्र में दो लाख 89 हजार 900 बच्चे नामांकित थे। इसके सापेक्ष शैक्षिक सत्र 2022-23 में कुल नामांकन का लक्ष्य तीन लाख 52 हजार 289 निर्धारित किया गया था। इस तरह से जिले को 62389 नवीन बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया था। इसकी तुलना में 70305 नवीन नामांकित बच्चों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। शत-प्रतिशत से अधिक नामांकन कर गाजीपुर ने प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
पुस्तकालय के लिए मिली पुस्तकें
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालयों की स्थापना कराई गई है। इसमें बच्चों के पाठ्यक्रम के इतर ज्ञानवर्द्धक एवं प्रेरणाप्रद पुस्तकें एनबीटी एवं एनसीईआरटी की तरफ से उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ष के लिए पुस्तकें जिले को उपलब्ध करा दी गई है। ये पुस्तकें अधिकांश विद्यालयों को वितरित कर दी गई है।
राज्य स्तर से अभी पुस्तकें प्राप्त नहीं हुई है। इनके मिलते ही विद्यालयों को उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द बच्चों में इनका वितरण करा दिया जाएगा। इसके वितरण के लिए परिवहन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है- हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी