{"_id":"6ab18c1e8880ef03720b233c","slug":"seven-years-after-the-murder-of-an-elderly-man-over-a-wedding-dance-dispute-the-main-accused-has-been-sentenced-to-life-imprisonment-ghazipur-news-c-313-1-aur1004-160651-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: शादी में आर्केस्ट्रा में डांस के विवाद में बुजुर्ग की हत्या के सात साल बाद मुख्य आरोपी को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: शादी में आर्केस्ट्रा में डांस के विवाद में बुजुर्ग की हत्या के सात साल बाद मुख्य आरोपी को उम्रकैद
विज्ञापन
गाजीपुर। शादी में आर्केस्ट्रा में डांस के दौरान हुए विवाद के बाद लाठी-डंडों से हमला कर बुजुर्ग की हत्या करने के मामले में सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय के लाल ने मुख्य आरोपी धर्मेंद्र राजभर को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, तीन अन्य आरोपियों नरेश राजभर, अरविंद राजभर और सुमेश राजभर को दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। एक नाबालिग आरोपी की सुनवाई किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2019 में 11जून को भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर ओड़ासन गांव निवासी राज राजभर के घर शादी थी। शादी में आर्केस्ट्रा में डांस के दौरान अजय राजभर और धर्मेंद्र राजभर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान धर्मेंद्र ने अजय के साथ मारपीट की। लोगों के बीच-बचाव के बाद अजय घर चला गया।
आरोप है कि मध्य रात के करीब धर्मेंद्र राजभर अपने परिवार के नरेश राजभर, अरविंद राजभर, सुमेश राजभर और एक नाबालिग के साथ लाठी-डंडे लेकर अजय के घर पहुंचा। सभी ने अजय और उसके पिता सुधीर राजभर(60) पर हमला कर दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल अजय के पिता सुधीर राजभर की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद अजय राजभर ने 12 जून 2019 को कोतवाली में तहरीर देकर नाबालिग समेत पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
आठ गवाहों की गवाही के बाद फैसला
मामले की सुनवाई करीब सात वर्षों तक चली। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को कोर्ट में परीक्षित कराया गया। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने धर्मेंद्र राजभर को आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 323 और 504 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, नरेश राजभर, अरविंद राजभर और सुमेश राजभर को आईपीसी की धारा 147, 148, 323 और 504 के तहत दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर मुख्य आरोपी को एक माह और अन्य आरोपियों को सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में शामिल नाबालिग आरोपी की सुनवाई किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2019 में 11जून को भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर ओड़ासन गांव निवासी राज राजभर के घर शादी थी। शादी में आर्केस्ट्रा में डांस के दौरान अजय राजभर और धर्मेंद्र राजभर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान धर्मेंद्र ने अजय के साथ मारपीट की। लोगों के बीच-बचाव के बाद अजय घर चला गया।
विज्ञापन
आरोप है कि मध्य रात के करीब धर्मेंद्र राजभर अपने परिवार के नरेश राजभर, अरविंद राजभर, सुमेश राजभर और एक नाबालिग के साथ लाठी-डंडे लेकर अजय के घर पहुंचा। सभी ने अजय और उसके पिता सुधीर राजभर(60) पर हमला कर दिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल अजय के पिता सुधीर राजभर की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद अजय राजभर ने 12 जून 2019 को कोतवाली में तहरीर देकर नाबालिग समेत पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
आठ गवाहों की गवाही के बाद फैसला
मामले की सुनवाई करीब सात वर्षों तक चली। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को कोर्ट में परीक्षित कराया गया। गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने धर्मेंद्र राजभर को आईपीसी की धारा 302, 147, 148, 323 और 504 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, नरेश राजभर, अरविंद राजभर और सुमेश राजभर को आईपीसी की धारा 147, 148, 323 और 504 के तहत दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर मुख्य आरोपी को एक माह और अन्य आरोपियों को सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में शामिल नाबालिग आरोपी की सुनवाई किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।