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पात्र श्रमिकों को योजनाओं से कराएं लाभान्वित : डीएम
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गाजीपुर। जिला श्रम बंधु, जनपद स्तरीय बाल श्रम उन्मूलन समिति तथा बाल व बंधुआ श्रमिकों के रेस्क्यू, पुनर्वास को लेकर गठित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक सोमवार को राइफल क्लब में हुई। बैठक में श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं जैसे-मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र श्रमिकों को समयबद्ध रूप से लाभान्वित करने के निर्देश डीएम अनुपम शुक्ला ने दिए।
उन्होंने श्रमिकों के अधिक से अधिक आवेदन कराने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं, विभागों एवं स्थानीय निकायों को निर्देशित किया कि अपने-अपने निर्माण कार्यों का अधिष्ठान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं तथा नियमानुसार उपकर (सेस) की धनराशि समय से जमा कराना सुनिश्चित करें। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर कार्यरत पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बाल श्रम उन्मूलन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वास एवं विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराने की कार्यवाही विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान संचालित करें।
सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत अब तक 2,40,878 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। श्रमिक पंजीकरण एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 117 विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। साथ ही विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता के लिए वाल पेंटिंग भी कराई गई है।
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श्रमिकों के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) संचालित किया गया है, जिसके तहत 2000 वर्गफीट में ग्राउंड फ्लोर अथवा श्रमिक शेड की प्रकृति के निर्माण के लिए भूमि चयन किया जाना है। इसके तहत श्रमिकों को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुलभ स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वह कार्य के लिए एकत्र हो सकें तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं (जैसे पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल आदि) का लाभ प्राप्त कर सकें।
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उन्होंने श्रमिकों के अधिक से अधिक आवेदन कराने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने सभी निर्माण कार्यदायी संस्थाओं, विभागों एवं स्थानीय निकायों को निर्देशित किया कि अपने-अपने निर्माण कार्यों का अधिष्ठान पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं तथा नियमानुसार उपकर (सेस) की धनराशि समय से जमा कराना सुनिश्चित करें। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर कार्यरत पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बाल श्रम उन्मूलन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वास एवं विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराने की कार्यवाही विभागीय समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान संचालित करें।
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सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत अब तक 2,40,878 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। श्रमिक पंजीकरण एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए 117 विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। साथ ही विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता के लिए वाल पेंटिंग भी कराई गई है।
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श्रमिकों के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) संचालित किया गया है, जिसके तहत 2000 वर्गफीट में ग्राउंड फ्लोर अथवा श्रमिक शेड की प्रकृति के निर्माण के लिए भूमि चयन किया जाना है। इसके तहत श्रमिकों को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुलभ स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वह कार्य के लिए एकत्र हो सकें तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं (जैसे पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल आदि) का लाभ प्राप्त कर सकें।