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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The mortal remains of martyr army soldier Rambachan Yadav reached his native village, he was injured J&K

Ghazipur: पैतृक गांव पहुंचा शहीद सेना के जवान का पार्थिव शरीर, बिलखते- बिलखते अचेत हुए परिजन

Sat, 01 Apr 2023 07:42 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 01 Apr 2023 07:42 AM IST
सार

सेना जवान रामबचन यादव का शव जम्मू-कश्मीर से जहाज द्वारा लखनऊ लाया गया। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस से नंदगंज और नंदगंज में फूल-मालाओं से लदे ट्रक से पैतृक गांव कुकड़ा लाया गया। ट्रक के साथ काफी संख्या में युवक गगन भेदी नारे लगाते हुए चल रहे थे।

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The mortal remains of martyr army soldier Rambachan Yadav reached his native village, he was injured J&K
गाजीपुर शहीद जवान सुबेदार रामबचन यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजीपुर में शादियाबाद थाना क्षेत्र के कुकड़ा गांव में शुक्रवार को शहीद आर्मी जवान सुबेदार रामबचन यादव (50) का पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया है। पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। बीते 28 मार्च को रामबचन यादव जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर राजोरी में दुश्मनों की गोली से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां एक दिन बाद 29 मार्च को उनका निधन हो गया था।

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सेना जवान रामबचन यादव का शव जम्मू-कश्मीर से जहाज द्वारा लखनऊ लाया गया। इसके बाद प्राइवेट एंबुलेंस से नंदगंज और नंदगंज में फूल-मालाओं से लदे ट्रक से पैतृक गांव कुकड़ा लाया गया। ट्रक के साथ काफी संख्या में युवक गगन भेदी नारे लगाते हुए चल रहे थे। सेना के जवान रामबचन यादव जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर राजोरी में 200 फिल्ड रेजिमेंट में सुबेदार के पद पर तैनात थे। इधर पार्थिव शरीर के पहुंचते ही माता राजवंती देवी, पत्नी प्रतिमा देवी, पुत्र अमन, पुत्री शिवांगी औरश्वेता बिलखते- बिलखते अचेत हो जा रही थीं। सेना के जवान रामबचन यादव की पत्नी और बच्चे लखनऊ में रहते थे।

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The mortal remains of martyr army soldier Rambachan Yadav reached his native village, he was injured J&K
जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान हथियारों की ट्रेनिंग लेता हुआ - फोटो : अमर उजाला

अभी कुछ दिन पहले ही लखनऊ में उन्होंने अपना घर बनवाया था। गांव पर उनकी मां रजवंती देवी और बड़े भाई ददबल यादव और उनका परिवार रहता है। कुछ माह बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। ग्रामीणो में शासन प्रशासन को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया। उनका कहना था कि शहीद सैनिक के पार्थिव के साथ न कोई सेना का जवान आया और न ही पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से भेजा गया। हालांकि सीओ भुड़कुड़ा, जखनिया एसडीएम और कई थानों की पुलिस मौजूद रही। परिजनों ने बताया कि शहीद सैनिक सुबेदार रामबचन यादव ने कागजों में अपना वर्तमान पता लखनऊ ही लिखवाया था। सैन्य अधिकारी पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से लखनऊ ले आए और वहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। परिजन पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाना चाहते थे। ऐसें सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस के जवान पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। जवान का अंतिम संस्कार चोचकपुर घाट हुआ।
 

The mortal remains of martyr army soldier Rambachan Yadav reached his native village, he was injured J&K
जम्मू-कश्मीर - फोटो : अमर उजाला

जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सदर विधायक

गाजीपुर। कुकुड़ा गांव निवासी सेना के जवान शहीद रामवचन यादव के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी शवयात्रा में सपा के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और सदर विधायक जै किशन साहू के साथ क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने शहीद के शव पर श्रृद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि गाजीपुर शहीदों की धरती रही है। जब जब इस देश को जरूरत पड़ी है, नौजवानों ने अगली कतार में खड़े होकर अपने लहू से इस देश की धरती को सींचने और ससंवारने का काम किया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र यादव टिंकु, रामज्ञान यादव प्रधान, मनोज यादव, पूर्व प्रमुख धर्मदेव यादव, सूर्यमणि यादव, रमाशंकर यादव आदि मौजूद रहे।

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