UP: प्रधानाध्यापक ने रसोइया के बेटे को स्कूल से निकाला, पिता बोला- दलित हूं इसलिए...; BEO के पास मामला
इस मामले में प्रधानाचार्य ने कहा कि अनुशासहीनता के आरोप में बच्चे को निकाला गया है। वहीं, पिता ने बताया कि हमसे द्वेष और दलित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
विस्तार
कंपोजिट विद्यालय गौसपुर-बुजुुर्गा में कक्षा पांच में पढ़ने वाले छात्र को प्रधानाध्यापक ने स्कूल से निष्कासित कर दिया। छात्र विद्यालय में ही कार्यरत रसोइया का बेटा है। रसोइया ने बीएसए से लेकर मुख्यमंत्री तक पत्र के माध्यम से इसकी शिकायत की है। मंगलवार को शिकायत की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय पहुंचे।
रसोइया ने आरोप लगाया कि द्वेष के कारण प्रधानाध्यापक ने ऐसा किया, जबकि प्रधानाध्यापक ने अनुशासनहीनता के कारण छात्र पर कार्रवाई की बात कही।
कंपोजिट विद्यालय गौसपुर-बुजुर्गा की रसोइया रिंकू ने मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति की है। इसी विद्यालय में उसका बेटा आदित्य कुमार कक्षा पांच और बेटी सौम्या कक्षा सात में पढ़ती है।
विद्यालय में प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार से एक बार विद्यालय में बनने वाले भोजन की सामग्री पर कटौती के विषय में पूछ ली थी, जिससे वह नाराज हो गए और उसे रसोइया के पद से हटाना चाहते हैं। एक सप्ताह पहले बच्चों के विवाद को लेकर उन्होंने उसके बेटे आदित्य कुमार को विद्यालय से निकाल दिया। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने कहा कि बेटे को कहीं ले जाकर पढ़ाओ। इस विद्यालय में पढ़ने नहीं दूंगा।
महिला के मुताबिक प्रधानाध्यापक से ऐसा न करने के लिए उसने बहुत अनुनय-विनय किया, लेकिन वह नहीं मानें। उसने बीएसए से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से पत्र के जरिये इसकी शिकायत की। प्रकरण की जानकारी होने पर मंगलवार को दोपहर खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार विद्यालय पहुंचे।
प्रधानाध्यापक छात्र और उसकी मां रसोइया रिंकू देवी से जानकारी ली। बीईओ ने बताया कि छात्र के शरारत करने पर प्रधानाध्यापक ने विद्यालय से निकाल दिया था। उसे विद्यालय आने के लिए बोल दिया गया है।
छात्र को भविष्य में ऐसी गलती न करने की हिदायत दी गई है। वहीं, बीएसए हेमंत राव ने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है। इसके निस्तारण के लिए दो अप्रैल को बीईओ देवकली और मनिहारी को भेजा जाएगा।