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न्यायालय ने दी नोटिस लोगों मे मचा हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Sun, 22 Jan 2017 10:22 PM IST
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स्थानीय विकासखंड के शहबाजकुली रेलवे स्टेशन रोड के दोनों तरफ सार्वजनिक भूमि पर दूकान एवं मकान बनाकर काफी दिनों से रह रहे 50 से अधिक लोगों को तहसीलदार न्यायालय से बेदखल करने अन्यथा क्षतिपूर्ति वसूले जाने के संबंध में नोटिस मिलने पर रेलवे स्टेशन रोड के लोगों में हड़कंप मच गया है।
शहबाजकुली रेलवे स्टेशन से गाजीपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाली सड़क के दोनों तरफ ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत की भूमि पर काफी दिनों से ग्रामीण कब्जा कर दूकान एवं मकान बनाकर रह रहे हैं। पिछले दिनों क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा तहसीलदार मुहम्मदाबाद के न्यायालय में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके भवन बनाने वालों के खिलाफ बेदखली का मुकदमा दायर किया गया था। जिसके बाद तहसीलदार न्यायालय से लगभग 50 लोगों को नोटिस भेजकर सार्वजनिक भूमि पर से बेदखल किए जाने के साथ ही क्षतिपूर्ति वसूले जाने की नोटिस जारी की गई। नोटिस मिलते ही कब्जाधारियों में हडकंप मच गया। कब्जाधारियों ने उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद को प्रार्थनापत्र देकर तथा उसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव प्रदेश शासन, जिलाधिकारी एवं कमिश्नर आदि को भेजकर गुहार लगाई है कि हम लोग उक्त भूमि पर 50 वर्ष पूर्व से मकान बनाकर रह रहे हैं। इस पर हम लोगों को सुखाधिकार प्राप्त है। बिना पैमाईश के बेदखली एवं क्षतिपूर्ति की नोटिस देना न्याय संगत नहीं है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान उमाशंकर, रमाशंकर, रामकृत यादव, सुमेर सिंह यादव, बनारसी राम, ओमकार राजभर, सत्यप्रकाश, सोनू, मुन्ना प्रजापति, सुरेंद्र, रामाधार, राजेश, जयप्रकाश, अंबिका सिंह यादव आदि लोग शामिल थे।
शहबाजकुली रेलवे स्टेशन से गाजीपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाली सड़क के दोनों तरफ ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत की भूमि पर काफी दिनों से ग्रामीण कब्जा कर दूकान एवं मकान बनाकर रह रहे हैं। पिछले दिनों क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा तहसीलदार मुहम्मदाबाद के न्यायालय में सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके भवन बनाने वालों के खिलाफ बेदखली का मुकदमा दायर किया गया था। जिसके बाद तहसीलदार न्यायालय से लगभग 50 लोगों को नोटिस भेजकर सार्वजनिक भूमि पर से बेदखल किए जाने के साथ ही क्षतिपूर्ति वसूले जाने की नोटिस जारी की गई। नोटिस मिलते ही कब्जाधारियों में हडकंप मच गया। कब्जाधारियों ने उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद को प्रार्थनापत्र देकर तथा उसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव प्रदेश शासन, जिलाधिकारी एवं कमिश्नर आदि को भेजकर गुहार लगाई है कि हम लोग उक्त भूमि पर 50 वर्ष पूर्व से मकान बनाकर रह रहे हैं। इस पर हम लोगों को सुखाधिकार प्राप्त है। बिना पैमाईश के बेदखली एवं क्षतिपूर्ति की नोटिस देना न्याय संगत नहीं है। इसे तत्काल वापस लिया जाए। इस दौरान उमाशंकर, रमाशंकर, रामकृत यादव, सुमेर सिंह यादव, बनारसी राम, ओमकार राजभर, सत्यप्रकाश, सोनू, मुन्ना प्रजापति, सुरेंद्र, रामाधार, राजेश, जयप्रकाश, अंबिका सिंह यादव आदि लोग शामिल थे।
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