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Ghazipur News: एक साथ दो सगे भाइयों की उठी अर्थी
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दुल्लहपुर। दो सगे भाइयों की अर्थी एक साथ उठी। इस दृश्य को देखकर हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे। थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी और तीन बार के प्रधान रहे श्यामदेव यादव (66) का निधन बीमारी के कारण रविवार की देर शाम हो गया। सोमवार की सुबह वियोग में उनके बड़े भाई श्यामू यादव (73) का निधन हो गया।
श्यामदेव यादव बीमार चल रहे थे। उपचार के लिए उनको वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं परिजनों में कोहराम मच गया। उनका शव घर लाया गया। सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। सभी लोग शव के पास बैठे थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई श्यामू यादव शव पर हाथ रखकर सो गए। लोगों ने सोचा कि वह विलाप कर रहे हैं। लेकिन, काफी देर तक वह नहीं उठे। इसके बाद लोगों को शंका हुआ। लोगों ने हाथ से उनको हिलाया लेकिन वह नहीं उठे। जब सभी लोग उनके पास पहुंचे तो पता चला कि उनका भी निधन हो गया है। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। जब एक साथ दोनों भाइयों की अर्थी उठी तो हर किसी की आंख नम हो गई।
लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि ऐसा कैसे हो गया। श्यामदेव यादव अपने पीछे अपनी पत्नी सानिया देवी, तीन पुत्रियां और दो पुत्रों को छोड़ गए हैं। वहीं उनके बड़े भाई श्यामू यादव अपने पीछे अपनी पत्नी मानती देवी, चार पुत्र और एक पुत्री छोड़कर गए हैं। वहीं रामाश्रय राजभर, शंभू राम, मुन्ना यादव, मोती राम आदि ने शोक जताया।
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श्यामदेव यादव बीमार चल रहे थे। उपचार के लिए उनको वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं परिजनों में कोहराम मच गया। उनका शव घर लाया गया। सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। सभी लोग शव के पास बैठे थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई श्यामू यादव शव पर हाथ रखकर सो गए। लोगों ने सोचा कि वह विलाप कर रहे हैं। लेकिन, काफी देर तक वह नहीं उठे। इसके बाद लोगों को शंका हुआ। लोगों ने हाथ से उनको हिलाया लेकिन वह नहीं उठे। जब सभी लोग उनके पास पहुंचे तो पता चला कि उनका भी निधन हो गया है। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। जब एक साथ दोनों भाइयों की अर्थी उठी तो हर किसी की आंख नम हो गई।
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लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था कि ऐसा कैसे हो गया। श्यामदेव यादव अपने पीछे अपनी पत्नी सानिया देवी, तीन पुत्रियां और दो पुत्रों को छोड़ गए हैं। वहीं उनके बड़े भाई श्यामू यादव अपने पीछे अपनी पत्नी मानती देवी, चार पुत्र और एक पुत्री छोड़कर गए हैं। वहीं रामाश्रय राजभर, शंभू राम, मुन्ना यादव, मोती राम आदि ने शोक जताया।
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