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सहायक व्यय प्रेक्षक सीधे व्यय प्रेक्षक के संरक्षण में कार्य करेंगे
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विधानसभा चुनाव के लिए गठित व्यय अनुवीक्षण सेल में लगे सहायक व्यय प्रेक्षक, सहायक नोडल आफीसर, लेखा टीम एवं वीडियो अवलोकन टीम को बुधवार को प्रशिक्षण दिया गया। राइफल क्लब के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि अधिसूचना से लेकर मतगणना तक आयोग के अंग के रूप में कार्य करना है। व्यय अनुवीक्षण पुस्तिका में दिए गए निर्देशों के अनुसार अपने-अपने दायित्वों का ठीक ढंग से अध्ययन करते हुए प्रत्येक स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित कराना है। सहायक व्यय प्रेक्षक सीधे व्यय प्रेक्षक के संरक्षण में कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों की ओर से किए जाने वाले कार्यक्रमों की वीडियो अवलोकन टीम द्वारा प्रतिदिन वीडियो निगरानी टीम के माध्यम से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसका अवलोकन करते हुए लेखा टीम के माध्यम से छाया प्रेषण रजिस्टर में अंकित करना होगा। चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशियों को अलग से एक खाता खोलना होगा, उसी में से उनको निर्वाचन के दौरान खर्च करना होगा। कहा कि चुनाव के दौरान हैंडबिल, पोस्टर, बैनर पर मुद्रक का नाम अवश्य दर्ज होना चाहिए। अगर किसी भी प्रत्याशी को चंदा के रूप में पैसा मिलता है तो उसे प्रत्याशी के खोले गए खाते में जमा करना होगा। निर्वाचन के दौरान विवाह, सामुदायिक भवन, मैरेज हाल आदि का प्रयोग निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में होना चाहिए। कहीं पर पार्टी-भंडारा हो रहा हो तो वीडियो निगरानी टीम पहुंचकर पूछताछ करे एवं वीडियोग्राफी कराए। अगर किसी वाहन का परमिशन नहीं है तो उस गाड़ी को जब्त करें। अगर उनके द्वारा पास दिखाया जाता है तो उनको जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील विधानसभाओं में पैनी नजर रखी जाएगी। प्रत्याशियों के कितने वाहनों का परमिशन है तथा प्रतिदिन एक वाहन का कितना खर्च आ रहा है, उसका ब्यौरा लेखाधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में तीन टीमें लगाई गई हैं, जिसमें एक अधिकारी, एक वीडियोग्राफी टीम तथा एक पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, वरिष्ठ कोषाधिकारी, लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा-माध्यमिक शिक्षा एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एमपी सिंह ने की।
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उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों की ओर से किए जाने वाले कार्यक्रमों की वीडियो अवलोकन टीम द्वारा प्रतिदिन वीडियो निगरानी टीम के माध्यम से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसका अवलोकन करते हुए लेखा टीम के माध्यम से छाया प्रेषण रजिस्टर में अंकित करना होगा। चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशियों को अलग से एक खाता खोलना होगा, उसी में से उनको निर्वाचन के दौरान खर्च करना होगा। कहा कि चुनाव के दौरान हैंडबिल, पोस्टर, बैनर पर मुद्रक का नाम अवश्य दर्ज होना चाहिए। अगर किसी भी प्रत्याशी को चंदा के रूप में पैसा मिलता है तो उसे प्रत्याशी के खोले गए खाते में जमा करना होगा। निर्वाचन के दौरान विवाह, सामुदायिक भवन, मैरेज हाल आदि का प्रयोग निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में होना चाहिए। कहीं पर पार्टी-भंडारा हो रहा हो तो वीडियो निगरानी टीम पहुंचकर पूछताछ करे एवं वीडियोग्राफी कराए। अगर किसी वाहन का परमिशन नहीं है तो उस गाड़ी को जब्त करें। अगर उनके द्वारा पास दिखाया जाता है तो उनको जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील विधानसभाओं में पैनी नजर रखी जाएगी। प्रत्याशियों के कितने वाहनों का परमिशन है तथा प्रतिदिन एक वाहन का कितना खर्च आ रहा है, उसका ब्यौरा लेखाधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विधानसभा में तीन टीमें लगाई गई हैं, जिसमें एक अधिकारी, एक वीडियोग्राफी टीम तथा एक पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, वरिष्ठ कोषाधिकारी, लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा-माध्यमिक शिक्षा एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एमपी सिंह ने की।
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