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Ghazipur News: चेयरमैन और नपा ईओ में तनातनी, 3.50 करोड़ की निविदा को लेकर खड़े हो रहे सवाल

Fri, 25 Aug 2023 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:09 AM IST
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Tension between Chairman and NAPA EO, questions are being raised regarding the tender of 3.50 crores
-एक ओर चेयरमैन तो दूसरी ओर अड़े हुए हैं अधिशासी अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जमानिया। नगर पालिका में एक बार फिर एक नया विवाद सामने आ गया है। अब 3.50 करोड़ रुपये के ई टेंडर को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर चेयरमैन तो दूसरी ओर अधिशासी अधिकारी अड़े हुए हैं। नगर के विकास में जुटे रहने वाले दोनों जिम्मेदारों के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है।
नपा सभागार में चल रहे आंगनबाड़ी एवं सभासदों के बीच बैठक में चेयरमैन ने अधिशासी अधिकारी के बीच नोकझोक हुई। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इस दौरान यह बात सामने आई कि एक अप्रैल को जारी ई-टेंडरिंग के माध्यम से करीब 3.5 करोड से अधिक की निविदा निकाली।
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सीवरेज एवं जलनिकासी तथा नगरीय झील, तालाब व पोखरा संरक्षण योजना के तहत दो करोड़ 90 लाख व कान्हा गोशाला के बेसहारा पशु योजना के लिए 53 लाख 10 हजार रुपये के कार्यों के लिए ई निविदा जारी की गई, जिसके तहत 11 नालों के निर्माण के कार्य तथा वार्ड 4 में स्थित शाह के पोखरे के सुंदरीकरण कार्य का कराया जाना है। साथ ही कान्हा गोशाला व बेसहारा पशु आश्रय योजना के अंतर्गत चारा व भूसे की व्यवस्था करने की धनराशि भी शामिल है।
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चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका में प्रशासक के कार्यकाल में वर्ष 2022-23 में जारी निविदा बोर्ड की बैठक में निरस्त होने के बाद भी ईओ ने कार्यादेश जारी कर कर दिया,जो नियम विरुद्ध है। निविदा को निरस्त तथा प्रकरण का जांच करने का जिलाधिकारी से मांग की गई है।

उन्होंने बताया कि टेंडर कि शर्तो में साफ लिखा है कि नगर पालिका अध्यक्ष निविदा को बिना कारण बताए कभी भी निरस्त कर सकता है। वही ईओ अखिलेश तिवारी का कहना है कि पूर्व में जारी निविदा की बोर्ड में चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। निविदा पास होने के बाद कार्यादेश ही जारी जाना उचित है। टेंडर को लेकर तनातनी से विकास का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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