गाजीपुर: तेजस्वी यादव ने नए कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले- ये है कृषि क्षेत्र के निजीकरण की साजिश
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पूर्व डिप्टी सीएम एवं बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि नए कानून बनाकर सरकार कृषि क्षेत्र के निजीकरण की साजिश रच रही है। अब किसानों की आय कैसे दोगुनी की जाए इस पर विचार करने की जरूरत है। बिहार में किसानों की मंडी समाप्त कर दी गई है। कृषि क्षेत्र के निजीकरण से किसानों का शोषण होगा। वे बुधवार को एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि नए कृषि कानूनों को थोपा जा रहा है। केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र के निजीकरण की जमीन तैयार कर रही है। सरकार की चाल को देश के किसान समझ रहे हैं। यही कारण है कि टिकरी बार्डर, सिंधु बार्डर समेत देश के कोने-कोने में किसान आंदोलित हैं। हर तरफ नए कानूनों का विरोध किया जा रहा है।
कहा कि सरकार पहले किसानों को लाभ पहुुंचाने उनकी आय दो गुना करने की बात कर रही थी। अब किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है। नया कानून लाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। अनाज मंडियों तक नहीं पहुंच रहा है। जबरदस्ती थोपे गए कानून से विशेष लोगों को जरूर फायदा पहुंच रहा है।
कहा कि बिहार में सिंचाई एक बड़ा मसला है। अब किसानों का शोषण शुरू हो गया है। सड़क पर प्रदर्शन जारी है। अभी आगे क्या-क्या होगा यह देखना बाकी है। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के जंगीपुर विधायक डा. वीरेंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, अनिल यादव, दिनेश सिंह यादव व चंद्रिका यादव आदि उपस्थित रहे। इसके बाद बिहार विस के विरोधी दल के नेता का काफिला शहर के तुलसी सागर स्थित गहमर कुंज से रवाना वापस पटना के लिए रवाना हो गए।