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20 हेक्टेयर में प्याज की खेती करने का लक्ष्य तय
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गाजीपुर। जिले में इस साल खरीफ सीजन की 20 हेक्टेयर में प्याज की खेती करने का लक्ष्य तय किया गया है। खेती के लिए किसानों का चयन पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर किया जाएगा। इसके तहत किसानों को बीज में 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। विभाग की मानें तो अब तक 80 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। सत्यापन के बाद किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा। किसान स्वयं विभाग में आकर सारी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही विभाग की ओर से ग्रामीण अंचलों में जाकर किसानों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। वहीं, कई किसान परंपरागत खेती धान और गेहूं की खेती को छोड़कर नकदी खेती की ओर रूख कर रहे हैं। उद्यान अधिकारी की मानें तो नई तकनीकी से खेती करके किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने बताया कि खरीफ में 20 हेक्टेयर में प्याज की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अनुदान पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर दिया जाएगा। बारिश के मौसम में प्याज की खेती करने से किसान बचते हैं। उनका मानना है कि सीजन में प्याज की खेती का मतलब नुकसान ज्यादा है, लेकिन ऐसा नहीं है। साल में दो बार प्याज की खेती होती है।
इस साल खरीफ के सीजन के लिए 20 हेक्टेयर और रवि के सीजन के लिए 50 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गर्मी के मौसम में जो प्याज लगाई जाती है वह दूसरी प्रजाति की होती है। उसमें कम पानी लगता है। लेकिन खरीफ सीजन की प्याज में पानी थोड़ा ज्यादा चाहिए होता है। यानी यदि किसान खेती करना चाहे तो नुकसान नहीं है। खरीफ सीजन में प्याज की खेती से महंगाई पर भी नियंत्रण लगेगा।
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इस साल खरीफ के सीजन के लिए 20 हेक्टेयर और रवि के सीजन के लिए 50 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गर्मी के मौसम में जो प्याज लगाई जाती है वह दूसरी प्रजाति की होती है। उसमें कम पानी लगता है। लेकिन खरीफ सीजन की प्याज में पानी थोड़ा ज्यादा चाहिए होता है। यानी यदि किसान खेती करना चाहे तो नुकसान नहीं है। खरीफ सीजन में प्याज की खेती से महंगाई पर भी नियंत्रण लगेगा।
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