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जाम में छूटा राहगीरों को पसीना
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Sat, 05 Aug 2017 11:17 PM IST
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जाम की समस्या से शहरवासियों को मुक्ति नहीं मिल पा रही है। किसी न किसी मार्ग पर लोगों को रोज जाम का सामना करना पड़ रहा है।
कर पिछले एक सप्ताह से लालदरवाजा मुहल्ला और जिला अस्पताल के लोगों को कभी एक तो कभी एक से लेकर दो दो घंटे तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार की दोपहर एक घंटा लोगों को जाम में पसीना बहाना पड़ा। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। फंसे लोग किचकिच के बीच यह कहते रहे कि जाम की समस्या को लेकर पुलिस प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है।
करीब एक सप्ताह से ऐसा हो रहा है कि लालदरवाजा और जिला अस्पताल के बीच पूरे दिन लोगों को तीन से लेकर चार बार जाम का मुंह देखना पड़ रहा है। रोज की तरह आज दिन में भी करीब 12 बजे यहां पर जाम का झाम शुरु हो गया।
देखते ही देखते लालदरवाजा शिव मंदिर तिराहा से लेकर जिला अस्पताल तक वाहनों की कौन कहे, लोगों के पैर भी पूरी तरह से थम गए। जाम की जकड़न का आलम यह था कि पैदल आवागमन करने वाले भी भीड़ में खड़ा होकर यह सोच रहे थे कि आखिरकार वे किधर से निकलें।
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कोई रास्ता न सुझाई देने पर वह भीड़ में खड़े होकर इधर-उधर ताकते रहे। वाहनों को आगे-पीछे निकालने को लेकर लोगों में कहासुनी के साथ ही किचकिच होती रही। जाम में जो लोग सबसे पीछे फंसे थे, वह वाहनों को घुमाकर दूसरे रास्तों से निकलते रहे। जाम में सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और युवतियों को हुई।
वे धक्का-मुक्की के बीच भीड़ में खड़े होकर आवगामन सुचारू होने का इंतजार करती रहीं। जब जाम पूरी तरह से विकराल हो गया तो पुलिस कर्मियों ने इसकी सुधि लेनी शुरू की। डेढ़ घंटा बाद जाम समाप्त होने पर आवगामन सुचारू हो सका। जाम में फंसे लोगों का कहना था कि अगर जाम का झाम शुरु होते ही पुलिस सक्रिय हो जाए तो जाम लगने की समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
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कर पिछले एक सप्ताह से लालदरवाजा मुहल्ला और जिला अस्पताल के लोगों को कभी एक तो कभी एक से लेकर दो दो घंटे तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार की दोपहर एक घंटा लोगों को जाम में पसीना बहाना पड़ा। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। फंसे लोग किचकिच के बीच यह कहते रहे कि जाम की समस्या को लेकर पुलिस प्रशासन जरा भी गंभीर नहीं है।
करीब एक सप्ताह से ऐसा हो रहा है कि लालदरवाजा और जिला अस्पताल के बीच पूरे दिन लोगों को तीन से लेकर चार बार जाम का मुंह देखना पड़ रहा है। रोज की तरह आज दिन में भी करीब 12 बजे यहां पर जाम का झाम शुरु हो गया।
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देखते ही देखते लालदरवाजा शिव मंदिर तिराहा से लेकर जिला अस्पताल तक वाहनों की कौन कहे, लोगों के पैर भी पूरी तरह से थम गए। जाम की जकड़न का आलम यह था कि पैदल आवागमन करने वाले भी भीड़ में खड़ा होकर यह सोच रहे थे कि आखिरकार वे किधर से निकलें।
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कोई रास्ता न सुझाई देने पर वह भीड़ में खड़े होकर इधर-उधर ताकते रहे। वाहनों को आगे-पीछे निकालने को लेकर लोगों में कहासुनी के साथ ही किचकिच होती रही। जाम में जो लोग सबसे पीछे फंसे थे, वह वाहनों को घुमाकर दूसरे रास्तों से निकलते रहे। जाम में सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और युवतियों को हुई।
वे धक्का-मुक्की के बीच भीड़ में खड़े होकर आवगामन सुचारू होने का इंतजार करती रहीं। जब जाम पूरी तरह से विकराल हो गया तो पुलिस कर्मियों ने इसकी सुधि लेनी शुरू की। डेढ़ घंटा बाद जाम समाप्त होने पर आवगामन सुचारू हो सका। जाम में फंसे लोगों का कहना था कि अगर जाम का झाम शुरु होते ही पुलिस सक्रिय हो जाए तो जाम लगने की समस्या से मुक्ति मिल सकती है।