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नगर पंचायत सैदपुर में गंगा को प्रदूषित कर रहे आठ नाले, एसटीपी के लिए जमीन का सर्वे बेनतीजा

Sun, 27 Mar 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 11:42 PM IST
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Survey of land for STP eight drains polluting Ganga in Saidpur is inconclusive
सैदपुर स्थित गंगा में नाले का जा रहा गंदा पानी । संवाद - फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर। गंगा को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सैदपुर क्षेत्र में एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण के लिए कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पिछले दिनों यहां एसटीपी को लेकर जमीन के सर्वे का काम शुरू हुआ था लेकिन वो काम भी ठप पड़ा हुआ है।
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नगर पंचायत की मानें तो उसके क्षेत्र में जमीन नहीं होने से जल निगम को जमीन चिन्हित करने का काम दिया गया था। जल निगम की ओर से सर्वे का काम तो हुआ लेकिन कोई जमीन उपलब्ध नहीं कराया जा सका। जिससे नगर पंचायत में एसटीपी निर्माण का काम अधर में लटका पड़ा है। जिससे गंगा के निर्मलीकरण की तमाम कोशिशें नाकाम होती जा रही है। नगर पंचायत के शौचालयों और घरों से निकला गंदा पानी आठ नालों के जरिए 24 घंटे गंगा में गिरकर प्रदूषित कर रहा है।
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ये नाले रंगमहल घाट, पकवा घाट, कोल्हुआ घाट, बूढ़े महादेव घाट, गाय घाट, मियां घाट, संगत घाट और सुभाष घाट से कुछ दूरी पर हैं। इस पर अभी तक रोक लगाने की कोई पहल नहीं की गई है। एनजीटी की ओर से बार-बार गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए निर्देश आते हैं। इसी कड़ी में दो साल पहले जिला प्रशासन को भी एक गाइड लाइन जारी किया था। इस पर 2 सितंबर 2020 को तत्कालीन डीएम ओपी आर्य ने सैदपुर में गंगा में गिर रहे नालों का निरीक्षण कर इसकी जिम्मेदारी जल निगम और नगर पंचायत को सौंपी थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक नाले के गंदा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
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क्षेत्र के किसानों को भी होगा एसटीपी का लाभ
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगने से नगर क्षेत्र के सभी वार्डों से निकलने वाले गंदे पानी और शौचालयों से निकलने वाले कचरे को ट्रीटमेंट प्लांट में शोधित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद निकलने वाला कचरा खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। योजना है कि शोधित पानी का उपयोग सिंचाई के काम में लाया जाएगा। ऐसे में एसटीपी लगने से गंगा नदी जहां स्वच्छ होंगी। वहीं नगर पंचायत क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे नगर पंचायत का राजस्व भी बढ़ेगा।
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