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सुकन्या समृद्धि ः परिषदीय स्कूल की बच्चियों का खाता खुलेगा
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के आधार पंजीकरण को लेकर डाक विभाग ने पहल कर दी है। अब इन बच्चों का डाकघरों में भी बड़ी आसानी से ही आधार पंजीकरण कराया जा सकेगा। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों के डाक विभाग की तरफ से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाते खोले जाएंगे, ताकि डीबीटी के तहत मिलने वाली शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें तुरंत प्राप्त हो सके। इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बच्चियों के सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की पहल पर भी जोर दिया गया है। ताकि इनका भविष्य अभी से ही सुरक्षित किया जा सके।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा किए गए रुपए बच्ची की 18 वर्ष की उम्र के बाद उसकी पढ़ाई के लिए निकाले जा सकते हैं। सैदपुर के खंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा एवं बैग के लिए शासन से धनराशि मिलती है। बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से यह धनराशि भेजी जाती है। बताया कि एक ओर जहां बच्चों का आधार कार्ड बनवाने में समस्या आ रही थी। वहीं बैंकों में खाता खोलना भी उनके लिए आसान साबित नहीं हो रहा था।
शासन ने इसी समस्या को गंभीरता से लिया और इसका निदान करने के लिए निर्देश जारी किया है कि परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों का खाता डीबीटी लाभ के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खोला जाए, ताकि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निशुल्क यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा तथा स्कूल बैग की धनराशि छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं अभिभावकों को पीएफएमएस के माध्यम से शीघ्र भेजा जा सके।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा किए गए रुपए बच्ची की 18 वर्ष की उम्र के बाद उसकी पढ़ाई के लिए निकाले जा सकते हैं। सैदपुर के खंड शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा एवं बैग के लिए शासन से धनराशि मिलती है। बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से यह धनराशि भेजी जाती है। बताया कि एक ओर जहां बच्चों का आधार कार्ड बनवाने में समस्या आ रही थी। वहीं बैंकों में खाता खोलना भी उनके लिए आसान साबित नहीं हो रहा था।
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शासन ने इसी समस्या को गंभीरता से लिया और इसका निदान करने के लिए निर्देश जारी किया है कि परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों का खाता डीबीटी लाभ के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खोला जाए, ताकि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निशुल्क यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा तथा स्कूल बैग की धनराशि छात्र-छात्राओं के माता-पिता एवं अभिभावकों को पीएफएमएस के माध्यम से शीघ्र भेजा जा सके।
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