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Ghazipur News: मेडिकल टीम ने आजमगढ़ के डॉक्टर का दर्ज किया बयान
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गाजीपुर। जखनिया के रामबन स्थित एक निजी हॉस्पिटल में करीब 23 दिन पहले राकेश यादव की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तीन सदस्यीय मेडिकल टीम गठित कर जांच शुरू कर दी थी।
करीब एक सप्ताह पहले मेडिकल टीम के समक्ष प्रस्तुत हुए आजमगढ़ के डॉक्टर ने बयान दर्ज कराए थे। अब टीम जल्द ही मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करेगी। प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि तबीयत बृंदावन गांव निवासी राकेश यादव को परिजनों ने 30 अगस्त को रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
जहां पित्त की थैली में पथरी होने आपरेशन हुआ। परिजनों का आरोप था कि सर्जरी के दौरान नस कट गई थी, अत्यधिक रक्तस्राव से 31 अगस्त को राकेश यादव की तबीयत गंभीर हो गई। एक सितंबर को राकेश को निजी हॉस्पिटल भेजा गया।
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जहां 2 सितंबर की सुबह सात बजे उनकी मौत हो गई। परिजन एंबुलेंस से शव लेकर रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद हंगामा हुआ। मृतक के बड़े भाई राजेश यादव ने अस्पताल के संचालक सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए बनी टीम ने मेडिकल बोर्ड के सामने आजमगढ़ के निजी हास्पिटल के डॉक्टर ने करीब एक सप्ताह पूर्व बयान दर्ज कराए थे। उन्होंने बोर्ड के सामने अपना प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया है। अब परिजनों का बयान दर्ज होना है। हालांकि पूरे मामले की जांच चल रही है। संवाद
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करीब एक सप्ताह पहले मेडिकल टीम के समक्ष प्रस्तुत हुए आजमगढ़ के डॉक्टर ने बयान दर्ज कराए थे। अब टीम जल्द ही मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करेगी। प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि तबीयत बृंदावन गांव निवासी राकेश यादव को परिजनों ने 30 अगस्त को रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
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जहां पित्त की थैली में पथरी होने आपरेशन हुआ। परिजनों का आरोप था कि सर्जरी के दौरान नस कट गई थी, अत्यधिक रक्तस्राव से 31 अगस्त को राकेश यादव की तबीयत गंभीर हो गई। एक सितंबर को राकेश को निजी हॉस्पिटल भेजा गया।
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जहां 2 सितंबर की सुबह सात बजे उनकी मौत हो गई। परिजन एंबुलेंस से शव लेकर रामबन स्थित धनरावती हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद हंगामा हुआ। मृतक के बड़े भाई राजेश यादव ने अस्पताल के संचालक सहित तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्रभारी सीएमओ डॉ. रामकुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए बनी टीम ने मेडिकल बोर्ड के सामने आजमगढ़ के निजी हास्पिटल के डॉक्टर ने करीब एक सप्ताह पूर्व बयान दर्ज कराए थे। उन्होंने बोर्ड के सामने अपना प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया है। अब परिजनों का बयान दर्ज होना है। हालांकि पूरे मामले की जांच चल रही है। संवाद