ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत: जूते का फीता बांधना छात्र की मौत का बना बहाना, बनारस से जा रहा था गाजीपुर
गाजीपुर के मीरगंज गांव के पास ट्रेन से गिरकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक छात्र की मौत हो गई। जूते का फीता बांधना उसकी मौत का कारण बना। वह दशहरा की छुट्टी पर वाराणसी से घर आ रहा था।
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गाजीपुर के मीरगंज गांव के पास ट्रेन से गिरकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक छात्र की मौत हो गई। वह दशहरा की छुट्टी पर वाराणसी से घर आ रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। छात्र की मौत से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
हाटा गांव निवासी विवेकानंद यादव उर्फ हिमांशु (22) वाराणसी में मामा के घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। दशहरा की छुट्टी होने पर वह सुबह वाराणसी से सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन से गांव आ रहा था। यूसुफपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने वाली थी। इसी दौरान युवक सीट से उठकर गेट पर पहुंच गया और वहां झुककर अपने जूते का फीता बांध रहा था।
यूसुफपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी आउटर के पास ट्रेन ट्रर्निंग पर घूमी तो झटका लगने से वह मीरगंज गांव के पास गेट के बाहर गिर गया और लगभग एक से डेढ़ घंटे तक पड़ा रहा। यूसुफपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर लोगों ने युवक के गिरने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। रेलवे स्टेशन से मेमो मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को सीएचसी मुहम्मदाबाद पर लेकर आई।
जहां डाक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन एवं गांव के लोग कोतवाली पहुंच गए और शव देखकर बिलखने लगे। मृतक तीन भाई- बहनों में सबसे छोटा था। परिवार का दुलारा हिमांशु पढ़ने में मेधावी था।
परिवार के लोग उसके घर आने की प्रतीक्षा कर रहे थे कि उसके मौत की जानकारी होते ही परिवार में कोहराम मच गया। हादसे के बाद पिता राजा यादव, माता संजू यादव, बड़े भाई आकाश यादव और छोटी बहन के रो- रोकर बुरा हाल था। इस संबंध में कोतवाल अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोखरे की सफाई में लगे मजदूर की डूबकर मौत
मरदह थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद बस्तपुर गांव में मंगलवार की शाम पोखरे में डूबकर एक मजदूर की मौत हो गई। बुधवार को ग्रामीणों ने शव को निकालकर ग्राम प्रधान के दरवाजे पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए सरकारी सहायता की मांग की। कासिमाबाद तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। तब जाकर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज दिया।
गांव निवासी देवेंद्र राम उर्फ मिठाई (35) मनरेगा श्रमिक था। वह अपने अन्य मजदूर साथियों के साथ गांव के पोखरे की सफाई कर रहा था। मजदूर समय से पूर्व पोखरे से बाहर निकल कर घर चले गए, लेकिन देवेंद्र राम कार्य में जुटा रहा और देर शाम गहरे पानी में डूब गया।