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Ghazipur News: नरवर गांव में 36 घंटे से नहीं जले चूल्हे
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नरवर गांव में 36 घंटे से करीब 25 से अधिक घरों में चूल्हे बुझे हैं। हादसे में जान गंवाने वालाें के घरों में सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रहीं है। द्वार पर सांत्वाना देने वालों की भीड़ रही। लोगों यही चर्चा कर थे कि पीड़ित परिवार हादसे को उम्रभर नहीं भूल पाएंगे।
नरवर गांव में काशी दास बाबा की पूजा के दौरान बुधवार को ट्रांसमिशन लाइन की चपेट में आने से अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अंबेडकरनगर में तैनात सिपाही सहित चार लोगो की मौत हो गई थी। हादसे के दूसरे दिन लोगों के घटनास्थल पर पहुंचने का क्रम दिनभर चलता रहा। घटना स्थल से सबकुछ हटा दिया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक बांस को नौ लोग पकड़े थे। सबसे आगे कुर्सी पर छोटू, दूसरे नंबर रविंद्र उर्फ कल्लू और तीसरे नंबर अमन, चौथे नंबर पर संतोष और गोरख बांस पकड़कर खड़े थे।
बिजली के झटके से पवन और राजीव छिटटकर दूर जा गिरे थे। मऊ स्थित अस्पताल से उपचार के बाद जितेंद्र और संतोष बृहस्पतिवार को घर पहुंच गए।
चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने को कहा था। लेकिन वे अपने को खोने के बिलख उठ रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि बांस को गोरख यादव के बाद जितेंद्र यादव, अभोरिक यादव, पवन और राजीव भी पकड़े थे।
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नरवर गांव में काशी दास बाबा की पूजा के दौरान बुधवार को ट्रांसमिशन लाइन की चपेट में आने से अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अंबेडकरनगर में तैनात सिपाही सहित चार लोगो की मौत हो गई थी। हादसे के दूसरे दिन लोगों के घटनास्थल पर पहुंचने का क्रम दिनभर चलता रहा। घटना स्थल से सबकुछ हटा दिया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक बांस को नौ लोग पकड़े थे। सबसे आगे कुर्सी पर छोटू, दूसरे नंबर रविंद्र उर्फ कल्लू और तीसरे नंबर अमन, चौथे नंबर पर संतोष और गोरख बांस पकड़कर खड़े थे।
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बिजली के झटके से पवन और राजीव छिटटकर दूर जा गिरे थे। मऊ स्थित अस्पताल से उपचार के बाद जितेंद्र और संतोष बृहस्पतिवार को घर पहुंच गए।
चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने को कहा था। लेकिन वे अपने को खोने के बिलख उठ रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि बांस को गोरख यादव के बाद जितेंद्र यादव, अभोरिक यादव, पवन और राजीव भी पकड़े थे।