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कटान शुरू, चार मंडा खेत गंगा में विलीन
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 30 Jul 2015 11:49 PM IST
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गया है। गुरुवार को मुहम्मदाबाद क्षेत्र के हरिहरपुर, बच्छलकापुर, सेमरा में करीब चार मंडा कृषि योग्य भूमि गंगा के कटान की भेंट चढ़ गई। गौसपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के पास
पानी पहुंच गया है। सड़क के किनारे बना अखाड़ा पानी में डूब गया है। जलस्तर में वृद्धि से परवल की खेती को भारी क्षति पहुंची है।
अचानक वृद्धि से किसानों को परवल की तोड़ाई करने का भी समय नहीं मिल पाया। जलस्तर वृद्धि से गौसपुर, सुल्तानपुर, हरिहरपुर, तिवारीपुर, बच्छलपुर, सेमरा, शेरपुर और वीरपुर गांव के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हो
गए हैं। गंगा के बढ़ाव के चलते सैदपुर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ की जद में आ गई है। बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों से समतल क्षेत्र की ओर हो गया है। तहसीलदार निखिलेश कुमार मिश्र ने बाढ़ का नाव से निरीक्षण करते
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हुए लेखपालों को नदी के बढ़ाव पर बराबर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। पटना, औड़िहार, फुलवारी, चकेरी, देवचंदपुर, मांझा आदि गंगा किनारे गांव के किसानों की सैकड़ों एकड़ खेत डूब गए हैं।
गाजीपुर शहर में पोस्टघाट गंगा घाट के पास स्थित शिव मंदिर के निकट घाट की सीढ़ियों तक गंगा पहुंच गई हैं। इसकी वजह से दर्शनार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी में इसी तरह बढ़ाव जारी रहा तो
शुक्रवार तक पानी घाट की सड़क तक आ जाएगा। श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार के बाद लोग इसी घाट पर स्नान करते हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देख तटवर्ती इलाकों के किसान रेत पर बोई गई फसल को काटने में पूरी
ताकत लगा दी है। तेजी से बढ़ रही गंगा का रुख देख पूरी फसल बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है। शहर के बड़ा महादेवा गंगा पर महिलाएं पानी के बीच से आनन-फानन में बचे-खुचे फसलों को काटने में जुटी हुई थी।
जमानिया संवाददाता के अनुसार, गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देख तटवर्ती इलाके के लोग सहम गए हैं। क्षेत्र के बडेसर, लमुई, चक्काबांध, चौधरी मोहल्ला, चांदपुर मोहल्ला, बब्बनपुर, हरपुर, मतसा, मथारा, ताजपुर, राघोपुर,
चित्तावनपट्टी, मंझरिया, गरूआ मकसुदपुर आदि गांव के तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कटान बढ़ेगी और जमानिया कस्बे से पहले गंगा तट से कुछ दूरी पर स्थित एनएच 24 के अस्तित्व
को खतरा पैदा हो जाएगा। आस पास के लोगों की मानें तो इस स्थान पर एनएच नीचे से खोखला होता जा रहा है। इसको लेकर विभाग गंभीर नहीं है।
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पानी पहुंच गया है। सड़क के किनारे बना अखाड़ा पानी में डूब गया है। जलस्तर में वृद्धि से परवल की खेती को भारी क्षति पहुंची है।
अचानक वृद्धि से किसानों को परवल की तोड़ाई करने का भी समय नहीं मिल पाया। जलस्तर वृद्धि से गौसपुर, सुल्तानपुर, हरिहरपुर, तिवारीपुर, बच्छलपुर, सेमरा, शेरपुर और वीरपुर गांव के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हो
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गए हैं। गंगा के बढ़ाव के चलते सैदपुर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ की जद में आ गई है। बाढ़ का पानी तटवर्ती इलाकों से समतल क्षेत्र की ओर हो गया है। तहसीलदार निखिलेश कुमार मिश्र ने बाढ़ का नाव से निरीक्षण करते
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हुए लेखपालों को नदी के बढ़ाव पर बराबर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। पटना, औड़िहार, फुलवारी, चकेरी, देवचंदपुर, मांझा आदि गंगा किनारे गांव के किसानों की सैकड़ों एकड़ खेत डूब गए हैं।
गाजीपुर शहर में पोस्टघाट गंगा घाट के पास स्थित शिव मंदिर के निकट घाट की सीढ़ियों तक गंगा पहुंच गई हैं। इसकी वजह से दर्शनार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी में इसी तरह बढ़ाव जारी रहा तो
शुक्रवार तक पानी घाट की सड़क तक आ जाएगा। श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार के बाद लोग इसी घाट पर स्नान करते हैं। गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देख तटवर्ती इलाकों के किसान रेत पर बोई गई फसल को काटने में पूरी
ताकत लगा दी है। तेजी से बढ़ रही गंगा का रुख देख पूरी फसल बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है। शहर के बड़ा महादेवा गंगा पर महिलाएं पानी के बीच से आनन-फानन में बचे-खुचे फसलों को काटने में जुटी हुई थी।
जमानिया संवाददाता के अनुसार, गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देख तटवर्ती इलाके के लोग सहम गए हैं। क्षेत्र के बडेसर, लमुई, चक्काबांध, चौधरी मोहल्ला, चांदपुर मोहल्ला, बब्बनपुर, हरपुर, मतसा, मथारा, ताजपुर, राघोपुर,
चित्तावनपट्टी, मंझरिया, गरूआ मकसुदपुर आदि गांव के तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कटान बढ़ेगी और जमानिया कस्बे से पहले गंगा तट से कुछ दूरी पर स्थित एनएच 24 के अस्तित्व
को खतरा पैदा हो जाएगा। आस पास के लोगों की मानें तो इस स्थान पर एनएच नीचे से खोखला होता जा रहा है। इसको लेकर विभाग गंभीर नहीं है।