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निषाद समुदाय ने शवयात्रा निकालकर जताया विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:28 AM IST
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जताया विरोध
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के सदस्यों और पदाधिकारियों ने मंगलवार को सिटी रेलवे स्टेशन से भाजपा, बसपा और सपा पार्टी का विरोध करते हुए प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। साथ ही एक वर्ष पूर्व संत कबीर नगर के कसरवल में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की मांग कर रहे निषाद समुदाय के साथ पुलिस द्वारा की गई क्रूरता और इटावा निवासी अखिलेश की हत्या की सीबीआई जांच कराने तथा प्रदेश सरकार को बर्खाश्त करने की मांग से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा।
सिटी रेलवे स्टेशन से निकली यात्रा लंका होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गई। इस मौके पर वाराणसी के मंडल अध्यक्ष निषाद अर्जुन सिंह ने कहा कि मझवार, तुरैहा, केवट, मल्लाह, मांझी, मुजाबिर, गोंड, राजगोंड, धीवर, धीमर, गोड़िया, कहार, नायक, पठारी, धुरिया आदि को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर सात जून वर्ष 2015 को संत कबीर नगर के कसरवल में धरना प्रदर्शन चल रहा था। उस दौरान प्रशासन द्वारा क्रूरता का व्यवहार किया गया। वक्ताओं ने इटावा निवासी अखिलेश निषाद की हत्या की सीबीआई जांच कराने के साथ प्रदेश सरकार को बर्खाश्त करने की मांग की।
गिरजापति बिंद के कहा कि सरकारें समाज के लोगों को धोखा दे रही हैं। जब भी अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देने की बात आती है तो पिछड़ी जाति बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। प्रदेश की सपा सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का वादा तो किया लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। वहीं बसपा पार्टी की की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी अनुसूचित जाति की सूची में दर्ज नहीं होने देना चाहती हैं। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष रमेश निषाद, मनोज कुमार, रवींद्र कश्यप, चंद्रसेन बिंद, अमरजीत निषाद, सुरेश निषाद, संजय कुमार, सत्यम सिंह निषाद, श्याम दुलारी, बासमती, सुगवंती, पुष्पा, इमिरती, गुलइची, दुलारी आदि मौजूद रहीं।
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सिटी रेलवे स्टेशन से निकली यात्रा लंका होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गई। इस मौके पर वाराणसी के मंडल अध्यक्ष निषाद अर्जुन सिंह ने कहा कि मझवार, तुरैहा, केवट, मल्लाह, मांझी, मुजाबिर, गोंड, राजगोंड, धीवर, धीमर, गोड़िया, कहार, नायक, पठारी, धुरिया आदि को अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर सात जून वर्ष 2015 को संत कबीर नगर के कसरवल में धरना प्रदर्शन चल रहा था। उस दौरान प्रशासन द्वारा क्रूरता का व्यवहार किया गया। वक्ताओं ने इटावा निवासी अखिलेश निषाद की हत्या की सीबीआई जांच कराने के साथ प्रदेश सरकार को बर्खाश्त करने की मांग की।
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गिरजापति बिंद के कहा कि सरकारें समाज के लोगों को धोखा दे रही हैं। जब भी अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र देने की बात आती है तो पिछड़ी जाति बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। प्रदेश की सपा सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण देने का वादा तो किया लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। वहीं बसपा पार्टी की की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी अनुसूचित जाति की सूची में दर्ज नहीं होने देना चाहती हैं। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष रमेश निषाद, मनोज कुमार, रवींद्र कश्यप, चंद्रसेन बिंद, अमरजीत निषाद, सुरेश निषाद, संजय कुमार, सत्यम सिंह निषाद, श्याम दुलारी, बासमती, सुगवंती, पुष्पा, इमिरती, गुलइची, दुलारी आदि मौजूद रहीं।
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