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Ghazipur News: कभी कक्ष संख्या तो कभी क्षेत्रफल घटा-बढ़ाकर कर दिया अपलोड
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जिले के 841 विद्यालयों ने गलत सूचनाएं दीं, 15 जिलों के डीआईओएस को अपर सचिव की तरफ से भेजा गया पत्र
अलग-अलग दर्शाया गया है हर वर्ष का आंकड़ा
सही सूचनाओं को तत्काल अपलोड कराने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले के 841 विद्यालयों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर जियो लोकेशन और विद्यालय की आधारभूत सूचनाओं को त्रुटिपूर्ण एवं गलत अपलोड किया है। इन विद्यालयों की ओर से पिछले चार वर्षों में परिषद की वेबसाइट पर जो आधारभूत सूचनाएं अपलोड कराई गई है उनमें भी हर वर्ष विसंगति पाई गई है। हर वर्ष का आंकड़ा अलग-अलग दर्शाया गया है। विसंगति पाई जाने से यह सभी विद्यालय संदेह के घेरे में आ गए हैं। ऐसे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
वर्ष 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के लिए भौतिक संसाधन युक्त आधारभूत सूचनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अपडेट किए जाने का निर्देश दिया गया था। विद्यालयों की तरफ से सूचनाएं अपलोड तो की गई है लेकिन जब उनका पिछले चार वर्षों में दर्ज आंकड़ों से मिलान कराया गया तो उनका हर वर्ष का अपलोड डाटा अलग-अलग सूचनाएं दर्शाता मिला।
ज्यादातर कमियां या विसंगतियां कक्षा शिक्षण और क्षेत्रफल को लेकर मिली है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि बोर्ड की ओर से संबंधित फर्मों से विद्यालयों का पिछले चार वर्ष का दर्ज आधारभूत आंकड़ा मंगाया गया। उन आंकड़ों का तुलनात्मक परीक्षण कराया गया, जिसमें यह कमियां उभरकर सामने आई है।
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उन्होंने बताया कि विद्यालयों की ओर से कक्षा शिक्षणों की संख्या पिछले चार वर्षों में हर वर्ष अलग-अलग दर्ज कराई गई है जबकि विद्यालय का क्षेत्रफल भी अलग-अलग अंकित कराया गया है। जब विद्यालय को मान्यता प्रदान की गई थी तो उस समय कुछ विद्यालयों में उदाहरण के तौर पर 10 शिक्षण कक्ष दर्शाए गए थे। उसके एक वर्ष बाद की सूचना में उन्होंने उसे घटाकर सात दर्ज कराया है और तीसरे वर्ष में उसे आठ और चौथे एवं वर्तमान में नौ कर दिया गया है। जबकि क्षेत्रफल में भी इसी तरह का घटाव और बढा़व किया गया है।
इससे विद्यालय द्वारा दर्ज कराई गई सूचनाएं संदेहास्पद प्रतीत हो रही हैं। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से जुड़े 15 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को अपर सचिव की तरफ से पत्र भेजा गया है। उसमें यह निर्देश दिया गया है कि आधारभूत सूचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करा कर सही सूचनाओं को तत्काल अपलोड कराएं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक से भी तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
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अलग-अलग दर्शाया गया है हर वर्ष का आंकड़ा
सही सूचनाओं को तत्काल अपलोड कराने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले के 841 विद्यालयों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर जियो लोकेशन और विद्यालय की आधारभूत सूचनाओं को त्रुटिपूर्ण एवं गलत अपलोड किया है। इन विद्यालयों की ओर से पिछले चार वर्षों में परिषद की वेबसाइट पर जो आधारभूत सूचनाएं अपलोड कराई गई है उनमें भी हर वर्ष विसंगति पाई गई है। हर वर्ष का आंकड़ा अलग-अलग दर्शाया गया है। विसंगति पाई जाने से यह सभी विद्यालय संदेह के घेरे में आ गए हैं। ऐसे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
वर्ष 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के लिए भौतिक संसाधन युक्त आधारभूत सूचनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अपडेट किए जाने का निर्देश दिया गया था। विद्यालयों की तरफ से सूचनाएं अपलोड तो की गई है लेकिन जब उनका पिछले चार वर्षों में दर्ज आंकड़ों से मिलान कराया गया तो उनका हर वर्ष का अपलोड डाटा अलग-अलग सूचनाएं दर्शाता मिला।
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ज्यादातर कमियां या विसंगतियां कक्षा शिक्षण और क्षेत्रफल को लेकर मिली है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि बोर्ड की ओर से संबंधित फर्मों से विद्यालयों का पिछले चार वर्ष का दर्ज आधारभूत आंकड़ा मंगाया गया। उन आंकड़ों का तुलनात्मक परीक्षण कराया गया, जिसमें यह कमियां उभरकर सामने आई है।
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उन्होंने बताया कि विद्यालयों की ओर से कक्षा शिक्षणों की संख्या पिछले चार वर्षों में हर वर्ष अलग-अलग दर्ज कराई गई है जबकि विद्यालय का क्षेत्रफल भी अलग-अलग अंकित कराया गया है। जब विद्यालय को मान्यता प्रदान की गई थी तो उस समय कुछ विद्यालयों में उदाहरण के तौर पर 10 शिक्षण कक्ष दर्शाए गए थे। उसके एक वर्ष बाद की सूचना में उन्होंने उसे घटाकर सात दर्ज कराया है और तीसरे वर्ष में उसे आठ और चौथे एवं वर्तमान में नौ कर दिया गया है। जबकि क्षेत्रफल में भी इसी तरह का घटाव और बढा़व किया गया है।
इससे विद्यालय द्वारा दर्ज कराई गई सूचनाएं संदेहास्पद प्रतीत हो रही हैं। क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी से जुड़े 15 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को अपर सचिव की तरफ से पत्र भेजा गया है। उसमें यह निर्देश दिया गया है कि आधारभूत सूचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करा कर सही सूचनाओं को तत्काल अपलोड कराएं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक से भी तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।