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अभी तक ध्वस्त नहीं हुए विद्यालयों के जर्जर/निष्प्रयोज्य भवन

Wed, 08 Dec 2021 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 11:21 PM IST
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Shabby  unusable buildings of schools that have not been demolished yet
शासन की ओर से जिले के परिषदीय विद्यालयों के जर्जर/निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त करने का फरमान जारी किया गया था। इस आदेश को दिए गए कई महीने बीत गए लेकिन अभी तक यह कवायद पूरी नहीं की जा सकी है। इसके चलते ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
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जिले में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन लाख दस हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जर्जर विद्यालयों को लेकर महकमा काफी उदासीन है। अब तक 420 ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया गया है जो जर्जर हैं या निष्प्रयोज्य घोषित हो चुके हैं। इनमें अब तक महज 40 विद्यालयों की नीलामी की प्रक्रिया ही पूरी की जा सकी है जबकि 37 के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। विभाग की मानें तो ऐसे विद्यालयों की अनुमानित लागत काफी अधिक है। इसी कारण इस प्रक्रिया को अभी पूरा करने में दिक्कतें आ रही है। ऐसे में इन विद्यालयों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द पूरी कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस संबंध में बीएसए हेमंत राव ने बताया कि प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास जारी है। तीन सदस्यीय कमेटी की ओर से ऐसे विद्यालयों के निर्धारित धनराशि अधिक होने से समस्या आ रही है। इसके बावजूद प्रयास जारी है। इसके अलावा ऐसे ही अन्य जर्जर विद्यालयों की भी सूची बनाई जा रही है।
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