{"_id":"61eaf3ef0c9f4820b66b9ec4","slug":"secretary-inspected-the-district-jail-gave-instructions-ghazipur-news-vns6348134132","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण, दिया निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचिव ने जिला कारागार का किया निरीक्षण, दिया निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कामायनी दुबे ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से समस्याएं पूछी और आवश्यक दिशा- निर्देश दिया। साथ ही बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के विषय में विस्तृत जानकारी दी।
कारागार उप कारापाल द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 973 बंदी निरूद्ध है। जिसमें 878 पुरूष, 38 महिला बंदी निरूद्ध हैं और 57 अल्पवयस्क है। सुबह का नाश्ता दलिया, चाय दोपहर का भोजन रोटी, चावल, अरहर की दाल और सब्जी दी गई। शाम के भोजन में रोटी, चावल, चना और उर्द की दाल और सब्जी दी गई। साथ ही अतिरिक्त चाय और काढ़ा मुहैया कराया गया। सचिव ने बंदियों को बताया गया कि सीआरपीसी में एक नया अध्याय 21ए जोड़ा गया था। इसमें धारा 265ए से 265एल को नए रूप से जोड़ा गया और प्ली बारगेनिंग का विवरण दिया गया। प्ली बारगेनिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत आरोपी अपने अपराध को मर्जी से स्वीकार करता है। दोनों पक्षों के बीच होने वाला समझौता अदालत की देखरेख में होता है। समझौता के बाद मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी अपने गुनाह कबूल करता है। आरोपी की सजा उस केस की न्यूनतम सजा से आधी या उससे भी कम कर दी जाती है। निरीक्षण दौरान कोविड-19 को देखते हुए नए बंदियों को पहले आइसोलेट रखने के साथ ही संदिग्ध लक्षण होने पर जांच और सेनेटाइजेशन का निर्देश दिया। सचिव ने उप कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिया, जिससे जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से और समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
0000000
निराश्रित बच्चों की दें जानकारी
गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव के निर्देशानुसार कोरोना काल में सड़कों पर गुजर- बसर करने वाले निराश्रित बच्चों के लिए सर्दी और कोरोना की समस्या को देखते हुए उनका पुनर्वास किया जाना है। अगर कोई निराश्रित बच्चा मिलताहै तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अग्रिम लिखित हेल्पलाइन नंबर पर ईश्वर दयाल भारती 9335012816 और अवधेश शर्मा 7905237542 को तत्काल सूचना दें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कारागार उप कारापाल द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 973 बंदी निरूद्ध है। जिसमें 878 पुरूष, 38 महिला बंदी निरूद्ध हैं और 57 अल्पवयस्क है। सुबह का नाश्ता दलिया, चाय दोपहर का भोजन रोटी, चावल, अरहर की दाल और सब्जी दी गई। शाम के भोजन में रोटी, चावल, चना और उर्द की दाल और सब्जी दी गई। साथ ही अतिरिक्त चाय और काढ़ा मुहैया कराया गया। सचिव ने बंदियों को बताया गया कि सीआरपीसी में एक नया अध्याय 21ए जोड़ा गया था। इसमें धारा 265ए से 265एल को नए रूप से जोड़ा गया और प्ली बारगेनिंग का विवरण दिया गया। प्ली बारगेनिंग एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत आरोपी अपने अपराध को मर्जी से स्वीकार करता है। दोनों पक्षों के बीच होने वाला समझौता अदालत की देखरेख में होता है। समझौता के बाद मजिस्ट्रेट के सामने आरोपी अपने गुनाह कबूल करता है। आरोपी की सजा उस केस की न्यूनतम सजा से आधी या उससे भी कम कर दी जाती है। निरीक्षण दौरान कोविड-19 को देखते हुए नए बंदियों को पहले आइसोलेट रखने के साथ ही संदिग्ध लक्षण होने पर जांच और सेनेटाइजेशन का निर्देश दिया। सचिव ने उप कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिया, जिससे जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से और समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
विज्ञापन
0000000
निराश्रित बच्चों की दें जानकारी
गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव के निर्देशानुसार कोरोना काल में सड़कों पर गुजर- बसर करने वाले निराश्रित बच्चों के लिए सर्दी और कोरोना की समस्या को देखते हुए उनका पुनर्वास किया जाना है। अगर कोई निराश्रित बच्चा मिलताहै तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अग्रिम लिखित हेल्पलाइन नंबर पर ईश्वर दयाल भारती 9335012816 और अवधेश शर्मा 7905237542 को तत्काल सूचना दें। संवाद
विज्ञापन