फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Screening of migrant laborers, quarantine if suspect found

प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग, संदिग्ध मिलने पर क्वारंटीन

Thu, 14 May 2020 09:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 09:24 PM IST
विज्ञापन
Screening of migrant laborers, quarantine if suspect found
कासिमाबाद/औड़िहार। कासिमाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सैदपुर टाउन नेशनल इंटर कालेज में बृहस्पतिवार को कुल 765 प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इनमें से संदिग्ध मिलने पर 80 को क्वारंटीन कर दिया गया। संदिग्ध लोगों का सैंपल भी जांच के लिए भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण और थर्मल स्क्रीनिंग के लिए सुबह से ही स्वास्थ्य कर्मी अपनी ड्यूटी में लग गए थे। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र में तो प्रवासी मजदूरों की लंबी कतार देखने को मिली। यहां सामाजिक दूरी का पालन भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा था। सुबह से थर्मल स्क्रीनिंग के लिए लगी कतार दोपहर बाद तक चलती रही।
विज्ञापन

कासिमाबाद संवाददाता के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई और गुजरात आदि प्रदेशों से आए प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह से शाम तक की गई। लॉकडाउन के बावजूद मजदूरों की जबरदस्त भीड़ देखी गई। यह भीड़ सोशल डिस्टेंस की धज्जियां भी उड़ा रही थी। मजदूरों की जहां लाइन लगी थी, ठीक उसके सामने क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद का कार्यालय भी स्थित है। लॉकडाउन लागू होने के बाद प्रवासी मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि जगहों से पैदल, अपने निजी वाहन के साथ श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से जनपद में आने लगे थे। मजदूरों का आगमन जब से शुरू हुआ, तभी से जांच पड़ताल में लंबा समय लग रहा है। गुरुवार को सुबह से शाम तक कुल 375 मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर की गई। इसके लिए चिलचिलाती धूप में मजदूर लंबी लाइन में घंटों खड़े रहे। यहां सामाजिक दूरी का थोड़ा भी ध्यान नहीं रखा गया था। सभी एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की करते देखे गए। इस बीच उपजिलाधिकारी कासिमाबाद रमेश मौर्य पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझा-बुझाकर लॉकडाउन का पालन करने का निर्देश दिया। आलम यह था कि धूप में खड़े मजदूर पानी के लिए भी भटकते रहे।
विज्ञापन

औड़िहार संवाददाता के मुताबिक, महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से प्रयागराज होकर पहुंचे प्रवासी श्रमिकों को बृहस्पतिवार को उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों से सैदपुर स्थित टाउन नेशनल इंटर कालेज में स्थापित क्वारंटीन सेंटर लाया गया। इनमें से 390 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। इसमें से संदिग्ध मिले लोगों को रोककर अन्य को होम क्वारंटीन कर दिया गया। बाद में 80 लोगों को घर से दूर क्वारंटीन किया गया है। गर्मी में भूख-प्यास से तड़प रहे उक्त प्रवासी नागरिकों को खाने के लिए भोजन और पीने के लिए पानी की व्यवस्था तहसील प्रशासन की ओर से की गई। समाजसेवी संगठनों ने यहां पूरे मनोयोग से रुचि लेकर उन्हें पानी, बिस्कुट आदि देकर सहयोग किया। बड़ी संख्या में आए प्रवासी नागरिकों के साथ महिलाएं एवं बच्चे भी मौजूद थे। ऐसे में उन्हे घर पहुंचने की जल्दी दिख रही थी। कोरोना योद्धा और सामाजिक कार्यकर्ता पूरी तत्परता से लगे रहे। इन प्रवासी नागरिकों को कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद, बारा, मनिहारी, जखनियां आदि ब्लॉकों के अलग-अलग गांवों में जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed