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राहत कोष में दी गई धनराशि में घोटाला
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कासिमाबाद। देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। वहीं, अधिकारी घोटाले के साथ भ्रष्टाचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कासिमाबाद विकासखंड के 231 सफाईकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई धनराशि में से आधे से अधिक धनराशि हड़पने का आरोप है। इस मामले की जानकारी होने से सफाईकर्मियों में आक्रोश के साथ हड़कंप मच गया है। सफाईकर्मियों ने जिलाधिकारी से जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इन सफाईकर्मियों से कासिमाबाद विकासखंड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में कोविड-19 के बचाव के लिए प्रति सफाईकर्मी एक-एक हजार रुपए नगद वसूले। कुल 231 सफाई कर्मियों से दो लाख 31 हजार रुपये की नगद वसूली की गई। ब्लॉक के अधिकारियों ने इस सहायता राशि में से आधे से अधिक धनराशि हड़प ली। नाम न छापने की शर्त पर सफाईकर्मियों ने बताया कि कोविड-19 फंड में सिर्फ एक लाख नौ हजार रुपये ही कासिमाबाद विकासखंड से डीपीआरओ कार्यालय में दर्ज किया गया है, जो मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया है। जब इसका हिसाब सफाईकर्मियों ने ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों से मांगा तो उन्हें सफाईकर्मियों के नाम सहित वसूली गई धनराशि की सूची पकड़ा दी।
नगद पैसा लेना ही बड़ी गलती
कासिमाबाद। सफाईकर्मियों से नगद पैसा लेना ही बड़ी गलती की गई है। जब सभी सफाईकर्मियों का वेतन बैंक के माध्यम से आहरित होता है तो सभी सफाई कर्मियों से मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने के लिए सहायता के लिए उनसे चेक से पैसा लिया गया होता या उनके खाते से सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष के फंड में ट्रांसफर किया जाना चाहिए था। नगद वसूली करना ही यह साबित करता है कि इसमें घोटाला किए जाने की नियत रही है।
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शिकायत काफी गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रमेश मौर्य, उपजिलाधिकारी, कासिमाबाद
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इन सफाईकर्मियों से कासिमाबाद विकासखंड के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में कोविड-19 के बचाव के लिए प्रति सफाईकर्मी एक-एक हजार रुपए नगद वसूले। कुल 231 सफाई कर्मियों से दो लाख 31 हजार रुपये की नगद वसूली की गई। ब्लॉक के अधिकारियों ने इस सहायता राशि में से आधे से अधिक धनराशि हड़प ली। नाम न छापने की शर्त पर सफाईकर्मियों ने बताया कि कोविड-19 फंड में सिर्फ एक लाख नौ हजार रुपये ही कासिमाबाद विकासखंड से डीपीआरओ कार्यालय में दर्ज किया गया है, जो मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया है। जब इसका हिसाब सफाईकर्मियों ने ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों से मांगा तो उन्हें सफाईकर्मियों के नाम सहित वसूली गई धनराशि की सूची पकड़ा दी।
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नगद पैसा लेना ही बड़ी गलती
कासिमाबाद। सफाईकर्मियों से नगद पैसा लेना ही बड़ी गलती की गई है। जब सभी सफाईकर्मियों का वेतन बैंक के माध्यम से आहरित होता है तो सभी सफाई कर्मियों से मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने के लिए सहायता के लिए उनसे चेक से पैसा लिया गया होता या उनके खाते से सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष के फंड में ट्रांसफर किया जाना चाहिए था। नगद वसूली करना ही यह साबित करता है कि इसमें घोटाला किए जाने की नियत रही है।
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शिकायत काफी गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रमेश मौर्य, उपजिलाधिकारी, कासिमाबाद