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आजादी के आंदोलन के अप्रतिम योद्धा थे सरजू पांडेय
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गाजीपुर। स्वाधीनता सेनानी, गरीबों के मसीहा पूर्व सांसद सरजू पांडेय की पुण्यतिथि मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वह आजादी के आंदोलन के अप्रतिम योद्धा थे। 15 अगस्त 1942 को कासिमाबाद थाना पर हजारों की संख्या में लोगों को साथ लेकर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहरा दिया था। उसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष के दौरान ही वह मार्क्सवादी हो गए। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह के सपनों, विचारों के भारत निर्माण के समर्थक हो गए। उनके जीवन में कई कठिन दौर आए लेकिन अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। हर प्रकार के जुल्मो-सितम के विरुद्ध संघर्ष के पर्याय थे। त्याग, बलिदान, देशभक्ति की भावना उनके साथ आजीवन बनी रही। बेदाग चरित्र के व्यक्तित्व के धनी थे। कहा कि लंबी आजादी के बाद आज भी देश का निर्माता किसान-मजदूर शोषण का शिकार है। सामाजिक-आर्थिक गैर बराबरी बनी हुई है। नेताओं के पास जनता, देश को देने के लिए कुछ नहीं है। ऐसी दशा में उनके विचारों का अनुगमन करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी एवं जनवादी ताकतों को उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित होना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, पूर्व विधायक अन1िल अमिताभ दुबे, कौशलेंद्र नारायण सिंह, अरविंद मिश्र, सह सचिव जनार्दन राम, रामअवध, रुद्रदत्त तिवारी, जितेंद्र घोष, पूर्व प्रमुख रामायण यादव, सुरेंद्र राम, श्यामाप्रसाद, डा. शिवमूरत बिंद, बच्चेलाल, रामवचन बिंद, अशोक मिश्र, रामजन्म यादव, रमेश पाल, विजयी सिंह, चतुरी, राजकुमार पांडेय, राम शुक्ला, रामलाल, राजीव सिंह, बब्बन सिंह यादव, घूरा यादव, रामकेर आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता पूर्व विधायक राजेंद्र यादव एवं संचालन डा. रामबदन सिंह ने किया।
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उन्होंने कहा कि आजादी के संघर्ष के दौरान ही वह मार्क्सवादी हो गए। शहीदे आजम सरदार भगत सिंह के सपनों, विचारों के भारत निर्माण के समर्थक हो गए। उनके जीवन में कई कठिन दौर आए लेकिन अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटे। हर प्रकार के जुल्मो-सितम के विरुद्ध संघर्ष के पर्याय थे। त्याग, बलिदान, देशभक्ति की भावना उनके साथ आजीवन बनी रही। बेदाग चरित्र के व्यक्तित्व के धनी थे। कहा कि लंबी आजादी के बाद आज भी देश का निर्माता किसान-मजदूर शोषण का शिकार है। सामाजिक-आर्थिक गैर बराबरी बनी हुई है। नेताओं के पास जनता, देश को देने के लिए कुछ नहीं है। ऐसी दशा में उनके विचारों का अनुगमन करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी एवं जनवादी ताकतों को उनके अधूरे सपने को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित होना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भाकपा के जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, पूर्व विधायक अन1िल अमिताभ दुबे, कौशलेंद्र नारायण सिंह, अरविंद मिश्र, सह सचिव जनार्दन राम, रामअवध, रुद्रदत्त तिवारी, जितेंद्र घोष, पूर्व प्रमुख रामायण यादव, सुरेंद्र राम, श्यामाप्रसाद, डा. शिवमूरत बिंद, बच्चेलाल, रामवचन बिंद, अशोक मिश्र, रामजन्म यादव, रमेश पाल, विजयी सिंह, चतुरी, राजकुमार पांडेय, राम शुक्ला, रामलाल, राजीव सिंह, बब्बन सिंह यादव, घूरा यादव, रामकेर आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता पूर्व विधायक राजेंद्र यादव एवं संचालन डा. रामबदन सिंह ने किया।
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