जंगीपुर कृषि मंडी में पिछले एक सप्ताह से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। दो माह से वेतन न मिलने और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सफाई कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। इसके चलते करीब 21 हेक्टेयर में फैले मंडी परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा जमा हो गया है। बरसात के कारण सड़ते कचरे से दुर्गंध फैल रही है। मंडी की सफाई का जिम्मा ठेका व्यवस्था के तहत कार्यरत पांच सफाई कर्मियों के पास है, जिनका संचालन नगर पंचायत जंगीपुर द्वारा किया जाता है।
सफाई कर्मी चंदन रावत ने बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से मंडी में सफाई का कार्य कर रहे हैं। पहले कृषि मंडी समिति के माध्यम से समय पर वेतन मिलता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से नगर पंचायत के माध्यम से व्यवस्था संचालित होने के बाद वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि मई और जून का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसी कारण सफाई कार्य बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों समय सफाई करनी पड़ती है। सफाई कर्मी अमरजीत रावत ने बताया कि मंडी में कुल पांच सफाई कर्मी कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि कृषि मंडी समिति नगर पंचायत को सफाई व्यवस्था के लिए 61,858 रुपये का भुगतान करती है, जबकि प्रत्येक सफाई कर्मी को मात्र 7,619 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। महंगाई के इस दौर में यह राशि बेहद कम है। इसके अलावा वेतन प्राप्त करने के लिए भी नगर पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं, सदर एसडीएम पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि नगर पंचायत प्रशासन से वार्ता कर सफाई कर्मियों का लंबित वेतन दिलाया जाएगा। उनकी समस्याओं का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पिछले दिनों भी विकास खंड के ग्राम पंचायत भवानीपुर उर्फ तिवारीपुर में दो सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद नियमित सफाई न होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण संदीप कुमार ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी।