सुहवल। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही के कारण हमीद सेतु से होकर गुजरने वाले वाहनों के चलते पुल के दोनों किनारे धूल की मोटी परतें जमा हो गई हैं। इससे छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रेत से गुजरते समय कई बार तो वाहन अनियंत्रित हो जा रहे हैं। हादसे की आशंका बनी हुई है।
पुल के दोनों छोर पर जमी यह रेत की मोटी परत मुसाफिरों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि सेतु पर जमी रेत की परत को जल्द हटाया जाए, जिससे मुसाफिरों और वाहन चालकों को आवागमन करने में सहुलियते हो सके। मालूम हो कि पूर्व में इन्हीं रेत के चलते बाइक आदि वाहनों के पहिये अनियंत्रित हो चुके हैं, जिसके कारण कई लोग तो घायल हो गए। जबकि कईयों की मौत भी हो चुकी है, बावजूद एनएचएआई उदासीन बना हुआ है। पुल से दिन रात वाहनों के गुजरते समय उनके पीछे और पास से चलने वाले पैदल राहगीर, साइकिल सवार और अन्य छोटे वाहन सवार धूल उड़ने के कारण हादसे का शिकार हो जाते हैं। इस संबंध में एनएचएआई वाराणसी के परियोजना निदेशक आरएस यादव ने बताया कि कर्मचारियों को रेत साफ करने का निर्देश दिया गया है।